करोडो रूपयो खर्च कर मुर्ती बनाने वालो कुंभ के नाम पर अरबो खरबो बहाने वालो देश की जनता शिक्षा,चिकित्सा को तरस रही अरे वो मंदिर-मस्जिद पर पैसा लुटाने वालो। कुछ सीख भी लेते केजरीवाल की सरकार से कचरे की ही अक्ल है क्या कचरा उठाने वालो कभी हाल बाढ़ पिडितो […]

सच में रिश्ते तुम्हारे- मेरे कुछ गहरे थे या बुलबुलों की तरह पानी पर ठहरे थे शोर तो बहुत किया था मेरी हसरतों ने लेकिन शायद तुम्हारे अहसास बहरे थे कितनी कोशिश की मैं छाँव बन जाऊँ ख्वाहिशें तुम्हारे चिलचिलाते दोपहरें थे कब देखी तुमने हमारे प्यार का सूरज निगाहों […]

माता का उपदेश नहीं बच्चे को कुछ भी भाया। बारिश में नौका लेकर पानी के बीच चलाया।। बिनु पतवार कागजी नौका इधर उधर बल खाती। कभी पास में आते – आते दूर बहुत हो जाती।। लहरों के संग उठते – गिरते असमंजस हो जाता। नौका के सँग बाल हृदय भी […]

करवा चौथ मनाऊंगा , मैं गीत प्यार के गाऊंगा । मैं भी तो अपनी सजनी के , खूब लाड़ लडॉऊंगा ।। करवा चौथ मनाऊंगा …… जब जब उसको देखता हुँ , मन खुश हो जाता मेरा , जब जब उसके पास जाऊ , तो दिल बहल जाता मेरा , उसके […]

तेरे मेरे सपने, अलग हो सकते है। जिंदगी को जीने का, सलीका भी अलग हो सकता है। पर तेरे दिल में, मेरे लिए, मेरे दिल में, तेरे लिए, कुछ तो है? तभी तो, तुम मेरे दिल में, और हम, तेरे दिल मे, बसते है।। दूर होकर भी कितने पास हो […]

महात्मा गांधी की कर्म भूमि पर हिंदी विश्वविद्यालय निराला है क्षेत्रीय भाषाओं को साथ लेकर हिंदी की चल रही प्रगति धारा है साहित्य के पुरोधाओं को मान दिया स्मृति स्थाई कर अधिमान दिया राहुल पुस्तकालय, गालिब सभागार प्रेमचंद, मुक्तिबोध,निराला मार्ग कामिल, सावित्रीबाई छात्रावास नागार्जुन, मालवीय भवन प्रभाग बने अदभुत प्राकृतिक […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।