. समाजी सोच बदलो तो, कुरीती छोड़ दो अब तो। जमाना चाँद पर पहुँचे, पढाई छोड़ मत अब तो। विकासी बात करते है, कथा भाषण भले देते। दहेजी रीत मौताणे, सुजानों छोड़ दो अब तो। ( मौताणा~मृत्यु भोज) . 🤱🤷♀ कहीं परिवार बर्बादी, कहीं घर खेत बिकते हैं कभी बेटी […]
काव्यभाषा
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