राजनीति भी फुटबॉल के खेल की तरह है: गेंद पर पकड़ मायने रखती है. गेंद पर पकड़ इतनी मजबूत है इस बार कि राजस्थान में चला सियासी संकट भी भारत जोड़ो यात्रा की सकारात्मकता को नहीं तोड़ पाया. एक तस्वीर आयी और उस तस्वीर के सहारे लोगों ने देख लिया […]

हरदम बदल रहा है, अपना ख़याल रखना, मौसम बदल रहा है, अपना ख़याल रखना। था जिस तरह ज़माना वैसा नहीं रहा अब, कमकम बदल रहा है, अपना ख़याल रखना। तब्दीलियाँ बहुत हैं,बदला है वक़्त कितना, पैहम बदल रहा है, अपना ख़याल रखना। की कोशिशें हज़ारों रिश्ता बना रहे ये, ताहम […]

मानवीय स्तर पर अपील करने वाली रचना स्मृति में बनी रहती है-भगीरथ इन्दौर। जो रचना विचार के स्तर पर, बुद्धि के स्तर पर और मानवीय स्तर पर ज्यादा अपील करती है वहीं रचना आपकी स्मृति में हमेशा बनी रहती है। श्री सुकेश साहनी ने अलग – अलग विषय पर अलग […]

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लागू करने के दिशा में एक और कदम: प्रो. सारंगदेवोत   शमशाबाद की बृजलोक साहित्य कला संस्कृति अकादमी ने किया सम्मानितउदयपुर/ बृजलोक साहित्य कला संस्कृति अकादमी, शमशाबाद द्वारा जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ (डीम्ड टू बी विश्वविद्यालय) के सहायक आचार्य डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी को वर्ष 2022 […]

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ देश की माटी का गौरव, समाज का अस्तित्व, जन का मान, सर्वहारा वर्ग की चिन्ता, हर तबके का विशेष ख़्याल, भाषाई एकता और अखण्डता के बीच हिन्दी की स्वीकार्यता, राष्ट्र की आज़ादी के रण के नायक, नेतृत्वकर्ता, सत्यवादी, मितव्ययी, स्वावलम्बी, समरस और सर्वहितैषी, राजनीति की कलुषता […]

महीने भर चली प्रतियोगिताएँ और आयोजन दिल्ली। भारत में हिन्दी भाषा के विस्तार और प्रसार के लिए कार्य करने वाले मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा हिन्दी महोत्सव 2022 का आयोजन किया गया, जो पूरे सितम्बर महीने मनाया गया। हिन्दी महोत्सव 2022 के अंतर्गत देश के विभिन्न शहरों में कई कार्यक्रम आयोजित […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।