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संस्थान परिचय

कहानी मातृभाषा.कॉम की…

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भाषा के विस्तृत सागर में ‘हिन्दी’ भाषा के प्रति प्रेम और उसी भाषा की लुप्त होने की कगार पर खड़ी विधाएँ खास कर रिपोतार्ज, संस्मरण, पत्र लेखन, लघु कथा, डायरी, आदि को बचा कर नए रचनाकारों और विधा के स्थापित रचनाकारों के लेखन को संग्रहण के साथ-साथ भाषा के पाठकों तक अच्छी रचना उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से अहिल्या नगरी इंदौर (मध्यप्रदेश) से हिन्दी वेब पोर्टल ‘मातृभाषा.कॉम’ की शुरुआत हुई। मातृभाषा की स्थापना के साथ ही अब मातृभाषा.कॉम हिन्दी के प्रचार- प्रसार और हिन्दी के प्रति जागरूकता बड़ाने के प्रति भी बेहद ज़िम्मेदार बनती जा रही है। उसके लेखकों, कवियों तथा साहित्यकारों आदि कई प्रतिभाओं की रचनाओं को संजोकर एक ही स्थान पर पाठक को सहजता से उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है। इसके लिए इसी क्षेत्र में कई नवीन योजनाएं लाई जा रही है।

मातृभाषा.कॉम हिन्दी वेबसाइट है जिसका मक़सद हिन्दी के नवोदित और स्थापित रचनाकार जो भाषा सारथी है उनकी रचनाओं को सहेज कर लोगों तक ऑनलाइन उपलब्ध कराना है जो इससे गहरा लगाव रखते है और इसका आनन्द लेना चाहते हैं| वेबसाइट पर इस समय लगभग १५०० से ज़्यादा रचनाकारों की रचनाएँ उपलब्ध हैं जिनमें बढ़ोतरी जारी है। इस वेबसाइट का सबसे विशिष्ट पहलू ये है कि इसमें यह अंकरूपण के साथ-साथ हिन्दी भाषा के विस्तार हेतु भी प्रयासरत है। मातृभाषा.कॉम’ वेबसाइट को अधिक से अधिक फैलाने के लिए, अब नई टेक्नालोजी का इस्तेमाल करके डेस्कटॉप और लैपटॉप कंप्यूटर के साथ साथ टैबलेट  और मोबाइल फ़ोन पर भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

इंदौर के डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’  द्वारा हिन्दी साहित्य जगत से जनता को सुगमता से जोड़ते हुए भाषा के प्रचार -प्रसार हेतु एक प्रकल्प शुरू किया। हिन्दी के नवोदित एवं स्थापित रचनाकारों को मंच उपलब्ध करवाने के साथ-साथ हिन्दी भाषा को राष्ट्र भाषा बनाने के उद्देश्य से शुरू हुआ इंटरनेट जाल भाषा के विस्तार में मील का पत्थर साबित होगा । वेब जाल के संचालक डॉ अर्पण जैन ‘अविचल’ ने बताया क़ि, भारत में मातृभाषा हिन्दी के रचनाकारों की बहुत लंबी सूची हैकिन्तु समस्या यह है कि उन रचनाओं को सहेजकर एक ही स्थान पर पाठकों के लिए उपलब्ध करवाने में असफलता मिलती है। इस दिशा मेंमातृभाषा.कॉम‘ ने पहल की है,हम इस कार्य को बखूबी करने करेंगे। साथ ही हम आगामी दिनों में विद्धयालय-महाविद्धयालयों में हिन्दी के प्राथमिक ककहरा से लेकर अन्य विधाओं का परिचय करवाते हुए वर्तमान स्थिति को अवगत करवाने के उद्देश्य से कार्यशालाएँ भी लगाएँगे, साथ ही यदि कोई हिन्दी सीखना भी चाहता है तो उसे निशुल्क शिक्षण उपलब्ध करवाएँगे। मातृभाषा केवल एक पोर्टल नहीं बल्कि भविष्य में हिन्दी के विस्तार हेतु आंदोलन बनेगा “

मातृभाषा.कॉम द्वारा हिन्दी के घटकों की अनुपलब्धता पर चिंता जाहिर करते हुए आगामी कार्य योजनाओं में जो हिन्दी भाषा का प्रचार और विस्तार निहित किया है। युवा सोच में हिन्दी के प्रति ज़िम्मेदारी निभाना काबिल-ए-तारीफ है , यदि हिन्दुस्तान का हर हिन्दीभाषी केवल अपनी ज़िम्मेदारी ही हिन्दी के प्रति निभाना शुरू कर दे तो निश्चित तौर पर हिन्दी राजभाषा से राष्ट्रभाषा बन जाएगी।

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मातृभाषा.कॉम व मातृभाषा उन्नयन संस्थान की विकास यात्रा

  1. ११ नवम्बर २०१६ को आरम्भ हुआ मातृभाषा.कॉम ।
  2. ३१ दिसंबर २०१६ तक ५० रचनाकार जुड़ें ।
  3. २१ फरवरी २०१७ को अंतराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाया ।
  4. हिंदी में हस्ताक्षर करने हेतु आंदोलन का आरम्भ किया ।
  5. ३१ मार्च २०१७ तक १०० से अधिक रचनाकारों को पटल से जोड़ा ।
  6. १४ सितम्बर २०१७ को हिंदी दिवस के दिन हस्ताक्षर हस्ताक्षर बदलो अभियान से १ लाख लोग जुड़े
  7. तब तक २ लाख पाठक मातृभाषा.कॉम से जुड़े ।
  8. २७ अगस्त २०१७ को अंतरा शब्दशक्ति और मातृभाषा.कॉम की सहकार्यता आरम्भ हुई
  9. २८ सितम्बर २०१७ को मातृभाषा.कॉम द्वारा काव्य गोष्ठी आयोजित की गई।
  10. २९ नवम्बर २०१७ को कश्मीर में हस्ताक्षर बदलों अभियान का आरम्भ हुआ ।
  11. ७ दिसम्बर २०१७ को हिन्दीग्राम की नींव रखी गई।
  12. २० दिसंबर २०१७ को हिन्दीग्राम को योगगुरु स्वामी रामदेव जी का आशीष प्राप्त हुआ।
  13. २६ दिसंबर २०१७ को ‘शिक्षालय की ओर चले हिन्दीग्राम’ अभियान का आरम्भ किया गया, जिसके अंतर्गत विद्यालओं में हिन्दीग्राम द्वारा हिंदी में हस्ताक्षर का महत्व समझते हुए हिन्दी प्रचार किया गया।
  14. ५ जनवरी २०१८ को वारासिवनी में काव्यगोष्ठी आयोजित की गई।
  15. १३ जनवरी २०१८ को विश्व पुस्तक मेला-दिल्ली में मातृभाषा.कॉम की सहभागिता रही।
  16. २३ जनवरी २०१८ को जैनाचार्य ऋषभचंद्र सूरीश्वर जी का हिन्दीग्राम को समर्थन मिला।
  17. १ फरवरी २०१८ को पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल से भेंट की एवं समर्थन प्राप्त किया।
  18. ३ फरवरी २०१८ को डॉ वेद प्रताप वैदिक के मुख्य आतिथ्य में इंदौर में अंतरा शब्दशक्ति सम्मान २०१८ आयोजित हुआ जिसमे मातृभाषा.कॉम के प्रथम काव्य संग्रह मातृभाषा.कॉम का विमोचन हुआ।
  19.  ११ फरवरी २०१८ को मध्यप्रदेश सरकार द्वारा शिक्षकों के लिए जारी गणवेश और अंग्रेजी पट्टिका के विरोध में संस्थान द्वारा ज्ञापन दिया गया।
  20. १२ फरवरी २०१८ को गच्छाधिपति जैनाचार्य नित्यसेन सूरीश्वर जी से भेंट की एवं हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने हेतु समर्थन प्राप्त किया।
  21. ८ मार्च २०१८ को अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में महिलाओं पर केंद्रित पुस्तक अंतरा शब्दशक्ति प्रकाशन और वुमन आवाज के सहयोग से विमोचित हुई।
  22. १० मार्च २०१८ इंडियन फेडरेशन ऑफ मीडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष एम.पी.वर्किग जर्नलिस्ट यूनियन के प्रान्तीय अध्यक्ष राधावल्लभ शारदा जी भोपाल में भेंट करके समर्थन प्राप्त किया।
  23. १७ मार्च २०१८ को जैनाचार्य जयरत्न सुरिश्वर जी महाराज, मुनि चारित्ररत्न विजय जी महाराज, मुनि प्रशम सेन विजय जी महाराज के साथ भेंट करके हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने हेतु समर्थन प्राप्त किया।
  24. २८  मार्च २०१८ डॉ वासिफ काज़ी के प्रथम काव्य संग्रह संकल्पना का विमोचन वारासिवनी में किया गया।
  25. ३१ मार्च २०१८ को मध्यप्रदेश के जनसम्पर्क मंत्रालय के आयुक्त पी नरहरि से भेंट करके समर्थन प्राप्त किया।
  26. १ अप्रैल २०१८ को वरिष्ठ एवं अज्ञेय के चौथा सप्तक में शामिल कवि राजकुमार कुम्भज जी से भेंट कर समर्थन प्राप्त किया।
  27. ४ अप्रैल २०१८ को अन्तरशब्दशक्ति प्रकाशन १ माह में १९ पुस्तकों का प्रकाशन का उत्सव मनाया गया।
  28. १२ अप्रैल २०१८ को केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले जी से भेंट करके हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने हेतु समर्थन प्राप्त किया।
  29. २३ अप्रैल २०१८ को मध्यप्रदेश के स्कुल शिक्षा विभाग का नाम हिन्दी में करने के लिए ज्ञापन दिया।
  30. १२ मई २०१८ को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी व केंद्रीय मंत्री उमाभारती से भेंट करके समर्थन प्राप्त किया।
  31. ३१ मई २०१८ को अंतरा शब्दशक्ति प्रकाशन और मातृभाषा के साझा प्रयासों से काव्य संध्या आयोजित की गई और ४६ किताबों का विमोचन हुआ।
  32. १० जून २०१८ को बालाघाट में ‘इतिहास में हिन्दी आंदोलन’ पुस्तक का विमोचन हुआ और बालाघाट सांसद बोधसिंह भगत से भेंट करके जनसमर्थन हासिल। किया।
  33. १५ जून २०१८ राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त कंप्यूटर बाबा और योगेंद्र महंत जी से भेंट करके जनसमर्थन प्राप्त किया।
  34. १९ जून २०१८ को जनसमर्थन अभियान के तहत वारासिवनी विधायक डॉ. योगेंद्र निर्मल से भेंट व समर्थन प्राप्त किया।
  35. २५ जून २०१८ को जनसमर्थन अभियान के तहत धार से सांसद सावित्री ठाकुर जी से भेंट व समर्थन प्राप्त किया।
  36. ४ जुलाई २०१८ को जनसमर्थन अभियान के तहत केन्द्रीय इस्पात राज्य मंत्री विष्णु देव साई से भेंट की।
  37. ५ जुलाई २०१८ को संवाद सेतु प्रकल्प का आरम्भ किया।
  38. १५ जुलाई २०१८ को जनसमर्थन अभियान के तहत भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व राज्यसभा सांसद प्रभात झा जी भेंट करके समर्थन प्राप्त किया।
  39. २५ जुलाई २०१८ को जनसमर्थन अभियान के तहत स्वर्णिम इंकलाब पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपक पंवार जी भेंट कर उनके राजनैतिक दल के घोषणा पत्र में हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने का मुद्दा शामिल करवाया गया।
  40. ४ अगस्त २०१८ को ६६ किताबों का विमोचन और ५५ महिलाओं का सम्मान किया गया।
  41. ५ अगस्त २०१८ को जनसमर्थन अभियान के तहत मध्यप्रदेश विधानसभा में प्रतिपक्ष के उपनेता विधायक एवं मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष श्री बाला बच्चन जी से भेंट कर जनसमर्थन प्राप्त किया गया।
  42. ७  अगस्त २०१८ पत्रकारों के लिए कार्यरत संस्था अमजा भारत का समर्थन प्राप्त किया।
  43. ११ अगस्त २०१८ को गांवों में हिंदी पुस्तकालय बनाने हेतु अभियान आरम्भ किया जिसके प्रथम चरण में १०० पुस्तकालयों का निर्माण किया जाएगा।
  44. १४ सितम्बर २०१८ हिंदी दिवस मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा सिलाई कामगारों के बीच में मनाया गया ।
  45. १५ सितम्बर २०१८ हिंदी दिवस मातृभाषा उन्नयन संस्थान वारासिवनी इकाई द्वारा निबंध लेखन, स्मरण शक्ति प्रतियोगिताओं के साथ लघु नाटिका, परिचर्चा व काव्य गोष्ठी आयोजित की गई।
  46. २९ सितम्बर २०१८ को हिंदी भवन भोपाल में पुस्तक विमोचन एवं परिचर्चा आयोजित की गई।
  47.  मातृभाषा उन्नयन संस्थान जयपुर राजस्थान इकाई ने हिन्दी पखवाड़े के अन्तर्गत ब्यावर के संजय स्कूल के दिव्यांग बधिर छात्र छात्राओं ने कविता , निबन्ध व चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजीत की गई।
  48. पांच लाख से अधिक पाठकों और १२०० से अधिक रचनाकारों का स्नेह मातृभाषा.कॉम को मिला।

 

 

 

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