जम्मू-कश्मीर के नौहट्टा में मस्जिद के बाहर ड्यूटी में तैनात पुलिस अधिकारी को कुछ उपद्रवियों की भीड़ ने पीट-पीट कर मार डाला। मारे गए अधिकारी अयूब पंडित की गलती बस इतनी-सी थी कि,उन्होंने मस्जिद के बाहर खड़े होकर अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा से निभाने की कोशिश की थी। अपनी ड्यूटी […]

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आखिर भारतीय सेना में महिलाओं को युद्ध में कंधे से कंधा मिलाकर लड़ने की अनुमति मिल गई,ये खबर जब पढ़ी तो उन महिलाओं का जीवन और संघर्ष याद आ गया, जो अपनी चुनी राह पर चलने के लिए आज भी अपने घर परिवार और समाज से संघर्ष कर रही है। […]

प्रतिदिन सोशल मीडिया पर नारी की फटी-चीथड़ी,आंखों में आंसू और गोद में बिलखते बच्चों की तस्वीरों और अत्यन्त दारूण सामग्री को देखते-देखते मैं थक चुकी हूँl ऐसा नहीं कि,मैं समाज में हो रहे नारी शोषण की पक्षधर हूँ। मैं भी एक नारी हूँ,और इस तरह की नारी के प्रति हो […]

किन शब्दों में बयान करूँ मैं माँ को ? मेरे अस्तित्व का आधार,या मेरी श्वांसों में रची-बसी प्राणसुधा। मेरे व्यक्तित्व को रोशन करती लौ, या मेरे वजूद का बुनियादी ढाँचा। मेरी रुह में सम्मिलित रुहानियत,या मेरे संस्कारों की खुशबू….माँ को शब्दों में समेट पाना ,ईश्वर को परिभाषित करने जैसा है। […]

हरियाणा के हिन्दी-हरियाणवी साहित्यकारों एवं लेखकों का महासम्मेलन  साहित्यिक सत्र के साथ हुआ l `नए दौर में हिन्दी: अभिव्यक्ति के विभिन्न आयाम`पर इसमें डिजिटल हिन्दी का 10 सूत्री रोडमैप के रुप में लिए गए फैसलों पर डॉ. एम.एल. गुप्ता ‘आदित्य’ ने आभार व्यक्त किया हैl सम्मलेन में यूनिकोड फॉन्ट्स की  अनिवार्यता, हिन्दी में […]

दोस्तों,एक बात में आप सभी को बताना चाहूंगा कि, लेखक जो भी लिखता है उसे कितना कुछ सोचना पड़ता है और इसकी समीक्षा भी करनी पड़ती है कि, इस बात का हमारे समाज पर क्या कुछ असर पड़ेगा ? वो अपनी तरफ से पूरी कौशिश करता है कि,पाठको के लिए […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।