तू है ममता की प्यारी मूरत, सबसे अच्छी है तेरी सूरत। ओ मेरी माँ, ओ मेरी माँ……. तेरे कदमों में है सारा जहाँ, तुझसे प्यारा और कोई कहाँ। ओ मेरी माँ, ओ मेरी माँ……. सदा मुसीबतों से तूने बचाया, जीने के काबिल मुझे बनाया। ओ मेरी माँ, ओ मेरी माँ……. […]

सोशल मीडिया पर आज खुशियां कम गम ज्यादा है बहुत से अपने बिछड़ गए बहुत को थोड़ा फायदा है श्रद्धांजलि, सहानुभूति का अब यही जरिया रह गया मिलकर ढाढ़स बंधाने का अरमान अधूरा रह गया दिवंगत के पीछे कितने लोग उसके कर्मो का पैमाना है आज कान्धी तक नही मिल […]

हालातो ने इंसानो को क्या कुछ दिखा दिया। की लोग तड़पने लगे अपनो से मिलने के लिए। क्योंकि अब भरोसा नहीं है उसे खुद की जिंदगी का। इसलिए बची हुई जिंदगी को अपनो के साथ जीना चाह रहा। कितना स्वर्थी है ये इंसान जब मौज मस्ती का दौर था। तब […]

शाम होते ही छतो पर चढ़ जाना, छतो पर चढ़कर पानी छिड़कना, पानी छिड़का कर गद्दे बिछाना गद्दे बिछाकर उसपर चादर बिछाना। बचपन की यादों यारो मत भुलाना।। आधी रात को बरसात का आ जाना गद्दे चादर उठाकर नीचे भाग जाना, भाग कर फिर से मुंह ढक कर सो जाना, […]

सबका परमात्मा एक है क्या हिन्दू क्या मुसलमान एक अल्लाह कहता है दूसरा कहता है भगवान खून का रंग भी सबका एक कहलाते है सब ही इंसान फिर झगड़ा काहे का है न रोटी का न बेटी का झगड़ा तो बस लगता है झूठे अहंकार की बुद्धि का शांतचित होकर […]

रहो हिल मिलकर मेरे, समाज के भाई बहिनों। मैं लेकर आया हूँ, स्नेह प्यार का संदेशा। रहे हम सब पर हमारे बड़े बूढ़ो का हाथ। तभी हर जाती धर्म को दुनियाँ में पहचान जाएगा।। दिलाओं अपने बच्चों को शिक्षा तुम सभी लोग। तभी समाज को मिलेगा, शिक्षित समाज का दर्जा। […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।