राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा रेखा शर्मा ने बर्र के छत्ते में हाथ डाल दिया है। उनको सारे पादरी और बिशप कोस रहे हैं, क्योंकि उन्होंने ईसाइयों की सदियों पुरानी धार्मिक प्रथा- कुबूलना या आत्म-स्वीकृति या ‘कन्फेशंस’ पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। यह मांग उन्होंने सरकार से इसलिए […]

आज हमारे अखबारों में एक दुर्लभ दृश्य मुखपृष्ठ पर छपा है। जापान की एक सरकारी कंपनी के चार अधिकारी सिर झुकाए हुए जनता से माफी मांग रहे हैं। वे सरकारी अधिकारी माफी इसलिए मांग रहे थे कि उनका एक कर्मचारी निश्चित समय से 3 मिनिट पहले अपनी सीट पर से […]

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     मॉरीशस के प्रख्यात साहित्यकार श्री अभिमन्यु अनत से जवाहर कर्णावट की बातचीत मॉरीशस विश्व के उन चुनिंदा देशों में से एक है, जहाँ भारतीय भाषाओं और संस्कृति का प्रवाह आज भी गतिमान है. मॉरीशस की भूमि पर हिन्दी एवं भारतीय भाषाओं का प्रवेश सन् १८१० में हो चुका […]

पाकिस्तान के तहरीके-तालिबान का सरगना मुल्ला फजलुल्लाह मारा गया, यह खबर हमारे लिए जितनी खुश-खबर है, उससे ज्यादा पाकिस्तान के लिए है। अफगानिस्तान के लिए भी है और अमेरिका के लिए तो है ही, क्योंकि उसकी फौज ने ही इस खूनी मुल्ला को ड्रोन हमले में मार गिराया है। इस […]

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के नेता किम योंग उन की सिंगापुर में हुई भेंट को क्या-क्या नहीं बताया जा रहा है। कोई उसे दुनिया की राजनीति में बदलाव का परचम कह रहा है तो कोई उसे विश्व-इतिहास की महान घटना बता रहा है। खुद ट्रंप गर्व और […]

वर्तमान समय में रिश्तों में बिगाड़ और बिखराव एक गम्भीर समस्या बनती जा रही है। बात-बात पर रिश्ते बिगड़ जाना और फिर आपस में संवादहीनता का पसर जाना रिश्तों को कहीं दूर तक बिखरा देता है,जिन्हें फिर से समेटना मुश्किल हो जाता है। घर-परिवार,समाज या अन्य रिश्ते-नातों में निरन्तर आ […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।