हिन्दू धर्म में हम कृष्ण को गुरु मानते हैं। मेरे अनुसार कृष्ण केवल गुरु ही नहीं हैं, क्योंकि गुरु तो अन्धकार से प्रकाश में ले जाते हैं। कृष्ण ने तो अन्धकार को नजरअंदाज करते हुए भूत-वर्तमान और भविष्य के प्रकाश को स्थापित करने का कार्य किया है। कृष्ण ने इंद्र […]

हम जीवन भर एक गुरु की तलाश में रहते हैं, जो हमारा मार्ग दर्शन कर सके। जो हमें यह समझा सके कि जीवन को सफल बनाने के लिए क्या किया जाए। हम सभी को एक ऐसे व्यक्ति की जरूरत महसूस होती है जो हमें जीवन के बड़े फैसले लेने में […]

गुरु पूर्णिमा विशेष-16 जुलाई 2019   गुरू बिन भवनिधि तरहिं न कोई,जौं बिरंचि संकर सम होई भारतीय वांग्मय में गुरु को इस भौतिक संसार और परमात्म तत्व के बीच का सेतु कहा गया है। सनातन अवघारणा के अनुसार इस संसार में मनुष्य को जन्म भले ही माता पिता देते है […]

विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई 2019 जनसंख्या वृद्धि हमें विनाश के कगार की ओर ले जाएगी वर्तमान में विश्व की जनसंख्या साढ़े सात अरब के आंकड़े को पार कर चुकी हैं । और जिस रफ़्तार से जनसंख्या बढ़ रही हैं वह आने वाले समय में पुरे विश्व में भयावह स्थिती […]

भारतीय जीवन में परिवार का तात्पर्य विवाहित-युगल और उनके बच्चों भर से नहीं होता। पति-पत्नी के युग्म से जिस ‘दम्पती’ नामक एकीकृत रूप की निर्मित्ति होती है, उसके साथ ही कुटुंब के घनिष्ठ लोगों को समवेत् रूप में एक इकाई मान परिवार की संज्ञा से अभिहित किया जाता है। उदात्त […]

जब से मूलभूत आवश्यकताओं के अभाव में लोगों के मरने की समस्या खत्म हुई है, मानव जनित एक नई समस्या ने आकर समाज को घेर लिया है। मानव द्वारा मानव का बलात्कार। उम्र और लिंग को नजरअंदाज करते हुए बलात्कार। निजी और सार्वजनिक स्थलों पर बलात्कार। दुधमुहे बच्चों से लेकर […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।