जीवन मे मुझे कुछ शब्दों से काफी नाराज़गी मिली जो कभी पूरा हुआ ही नही भले उसे किसी तरह उपयोग किया जाये अगर हुआ भी तो सिर्फ भाग्य-वालो का ही ! जैसे – रिश्ता जिसमे कभी ना कभी मन-मुटाव आ ही जाता है कैसा भी रिश्ता हो माँ से बेटा […]

मिर्ज़ा असदुल्लाह खान ग़ालिब के बारे में आम राय यह है कि वे उर्दू के महानतम कवियों में से एक हैं। लेकिन इस महान कवि के उर्दू शब्दों के संकलन की दुनिया क्या है? हालाँकि ग़ालिब के दीवान को दर्जनों बार संकलित और संपादित किया गया था, लेकिन शायद ही […]

सांस्कृतिक पतन के दौर में पूर्वजों को नाकाम, असफल, अयोग्य, अकर्मण्य, अप्रगतिशील और न जाने क्या- क्या कहने का चलन बढ़ गया है। वेदव्यास, कबीर और तुलसी को गरियाने की परम्परा में आचार्य रामचन्द्र शुक्ल और प्रेमचन्द को भी घसीटा जाने लगा है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस कुकर्म […]

सेवा में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, दिनांक: 18 फरवरी 2020 विषय: नागरिकता संशोधन कानून CAA के पक्ष में पदयात्रा की समय रहते तुरंत अनुमति हेतु आवेदन-पत्र। आदरणीय महोदय जय हिंद! माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी आप व सशक्त गृहमंत्री अमित शाह जी के कड़े आदेश पर 15 फरवरी 2020 को […]

सेवा में, श्री नरेंद्र मोदी जी, प्रधानमंत्री भारत सरकार, नई दिल्ली। दिनांक: 30 जनवरी 2020 विषय: नागरिकता संशोधन कानून सी.ए.ए. के पक्ष में राष्ट्र के प्रति अपना कर्तव्य निभाने के लिए मुझे पदयात्रा की शीघ्र अनुमति हेतु आवेदन-पत्र।सम्माननीयों जय हिंद आदरणीय महोदय सम्माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ‘परीक्षा पे चर्चा’ […]

सेवा में, श्री नरेंद्र मोदी जी, प्रधानमंत्री भारत सरकार, नई दिल्ली। दिनांक: 26 जनवरी 2020 विषय: नागरिकता संशोधन कानून CAA के पक्ष में पदयात्रा की समय रहते तुरंत अनुमति हेतु आवेदन-पत्र। आदरणीय महोदय प्रार्थी इन्दु भूषण बाली जिला:- जम्मू प्रदेश जम्मू व कश्मीर Post Views: 601

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।