रिश्तों का बंधन कही छूट न जाये। और डोर रिश्तों की कही टूट न जाये। रिश्ते होते है बहुत जीवन में अनमोल। इसलिए बीड़ी सिगरेट का करे त्याग ।। धूम्र पान जो करते है उनका जीवन बदल जाता है। स्वस्थ्य इंसान भी बीमार होने लगता है। और तब धर का […]

उम्र बीत जाती है, जिंदगी को बनाने में। मेहनत करनी पड़ती है, लक्ष्य को पाने में। तब कही जाकर मंजिल, हासिल कर पाते है। और अपनी पहचान, बना पाते है जमाने में।। हँसना तालियां बजबना, आसान नहीं काम होता। खुदका दर्द पीकर जो हंसाये जग को। वो बहुत जिंदा दिल […]

हिन्दी की पत्रकारिता ने छुए नित नए आयाम गणेश शंकर विद्यार्थी है इसमे सबसे ऊंचा नाम मिशनरी पत्रकारिता के वे ही असली जनक थे देश की आजादी के पत्रकार भी नायक थे लेकिन घटते मूल्यों से पत्रकारिता आहत हुई सच्चाई दम तोड़ रही चापलूसी आबाद हुई मीडिया मे खबरों के […]

नौकरी के नौ काम है,दसवां काम है हां जी का, करते रहो सारे काम,कोई काम नहीं ना जी का। नौकरी में नहीं हैं आजादी,ये काम है गुलामी का, सारे दिन हां हां करो,पूरे दिन ये काम सलामी का। नौकर के नौ हाथ होते,पूरा काम टांग तराजू का, एक हाथ से […]

देख ऊँचाई एवरेस्ट की, अच्छे अच्छे थर्राते हैं। है जुनून जिसके अन्दर, एवरेस्ट वही चढ़ पाते हैं। श्वेत वर्फ़ की चूनर ओढ़े, चोटियाँ हमें लुभाती हैं। आकर हमको गले लगाओ, ये हमको पास बुलातीं हैं। धीरे धीरे और होले होले, आ जाओ मेरे दीवानों। रखना सब्र बहुत दिल में, मत […]

कोरोना महामारी का दौर मानवीय काया के लिए बेहद कठिनाई भरा है। इस कठिन दौर में जहां पूरा समाज परोपकार में लगा है वहीं कुछ लोगों लाभ कमाने के लिए मानवीयता को तार-तार करने में भी जुटे हैं। नकली दवाओं से लेकर ब्लैक मार्केटिंग तक के अनगिनत मामले सामने आ […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।