भोपाल । हिन्दी पखवाड़े के अंतर्गत आरिणी चैरिटेबल फाउंडेशन, भोपाल ने अंतर्राष्ट्रीय साहित्य समागम 2022 का आयोजन किया । जिसके अंतर्गत सम्मान समारोह, पुस्तक विमोचन समारोह एवं वैश्विक परिदृश्य में हिन्दी विषय पर व्याख्यान सुनने को मिला । कार्यक्रम का आयोजन 12 सितंबर 2022 को शाम 5.30 से दुष्यंत कुमार […]

भारत में हर पाँचवा साहित्यकार मातृभाषा उन्नयन संस्थान से परिचित हिन्दी के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से वर्ष 2018 में मातृभाषा उन्नयन संस्थान की नींव रखी गई, जिसका उद्देश्य यही है कि हिन्दी को राजभाषा से राष्ट्रभाषा बनाया जाए। इसके लिए भारत […]

लघुकथा पर गंभीर विमर्श के साथ शहर की साहित्यिक संस्थाएँ होंगी सम्मानित इन्दौर। हिन्दी को राष्ट्र भाषा बनाने के प्रथम पहल का साक्षी रहा शहर इन्दौर आज भी अपनी हिन्दी सेवा से साहित्य जगत में जाना जा रहा है। इसी तारतम्य में हिन्दी महोत्सव 2022 के तहत मातृभाषा उन्नयन संस्थान […]

हिन्दी प्रचार में नाट्यमंच और चलचित्र का योगदान महत्त्वपूर्ण- अर्श परमिंदर शाह दिल्ली। हिन्दी भाषा के प्रचार के लिए प्रतिबद्ध मातृभाषा उन्नयन संस्थान की दिल्ली इकाई द्वारा हिन्दी महोत्सव 2022 का शुभारंभ वजीरपुर कॉम्प्लेक्स स्थित कार्यालय में माँ हिन्दी का पूजन कर किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि वेब […]

रंगमंच के विद्यार्थियों ने किया हिन्दी का पूजन इंदौर। सितम्बर माह को हिन्दी माह के रूप में मनाया जाता है और इस महीने को हिन्दी भाषा के प्रचार के लिए प्रतिबद्ध मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा हिन्दी महोत्सव के रूप में मनाया जाता है। हिन्दी महोत्सव 2022 का शुभारंभ शहर के […]

‘राजनीति के बिगड़े बोल’ पर समाचार ग्रह की परिचर्चा सम्पन्न भाषा विवेक का ध्यान रखना आवश्यक- श्री तिवारी जीवन के हर क्षेत्र में भाषाई संयम ज़रूरी- कवि गौरव साक्षी इन्दौर। शब्दों की संहिता से आत्मा, समाज और देश का निर्माण होता है, शब्द ही हथियार होते है और मलहम भी। […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।