नदी अब बहुत गुमान में है, कि वो आजकल उफ़ान में है, ग़रीब तो आज भी फुटपाथ पर सोते है, अमीरजादें तो अंदर अपने मकान में है, जमीं से तो उनका रिश्ता ही टूट गया है, अब तो उनका सारा ध्यान आसमान में है, रंग बदलने की फितरत अब गिरगिट […]

सिर्फ   हम   ही   हम  है, ये वहम तुम्हारा अहम है, आसमां  में  उड़ रहे है वो, जिनके लिए जमीं कम है, पिता सबसे अनमोल है जग में, बाहर से कठोर अंदर से नरम है, तुम्हारे  भाग्य  का  भाग  कर  आयेगा, मेहनत जीतोड़ करों बाकी सब भरम है, अपना  हर  कदम  […]

मुझ पर तानें कस रहा है वो, मेरे जख्मों पर हंस रहा है वो, गुरुर  की  नाव  में  सवार  होकर  चला था, अब बीच मझधार में आकर फंस रहा है वो, बड़ा   होकर   बदल   जायेगा, ये  भरम  था  मेरा, आसमां में उड़ने की जगह जमीं में धंस रहा है वो, […]

आखिर अब खुद को बदल रहा है वो, गिर  उठ  गिर  फिर  संभल रहा है वो, मौसम  का  मौसम  बिगड़ रहा है अब, और कांटें भरें रास्तों पर चल रहा है वो, हिम्मत अब  उसकी और बढ़ती जा रही है, खयालों से सवाल कर आजकल रहा है वो, हवाओं  को  पकड़ने  […]

अपने सुकून की बलि देकर, वो  सबकी  जान बचाता है, भूख प्यास भूल कर वो डॉक्टर होने का फर्ज निभाता है, दर्द से दवा  तक  का  सफ़र था  कड़ा, वो गिरा,लड़खड़ा के हुआ  फिर  खड़ा, तब हुआ जाके मेहनत से वो फिर बड़ा, माना वह एक डॉक्टर है, बेशक  कोई  […]

नजर में फिर नजर नहीं आया नजर लगानें वाला, आख़िर पकड़ा गया वो दरिंदा शहर जलानें वाला, खुद  को खुदा मानकर बिना खौफ के जीने वाला, मर गया एक दिन फिर खुद को खुदा बताने वाला, भरोसा उसका भी टूटा  जो, कभी  भरोसे  की मिशालें    देता   था, नींद से […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।