.                  १  सावन  शृंगारित   करे, वसुधा, नारि, पहाड़। सागर सरिता सत्यशिव,नाग विल्व वन ताड़। .                  २  दादुर  पपिहा मोर पिक, नारी  धरा  किसान। सबकी चाहत नेह जल,सावन सरस सुजान।। .              […]

हरित धरा हो सारी, तरुण गिरि शृंगारी, मीत गीत शीत संग, झूमें पुरवाइया। तरु खग वन्य जीव, रट रहे पीव पीव, तीज पर्व वृक्षों पर झूलती कुमारियाँ। आएँ मन भावन जो, भाए मन सावन वो, दूर होवे तब सब, मन से दुस्वारिया। खेत व फसल प्यारी, वृक्ष रोपि मेड़ क्यारी, […]

कटे पेड़ के ठूँठ विराजी, बया मनुज को कोस रही। बेघर होकर, बच्चे अपने, संगी साथी खोज रही। मोह प्रीत के बंधन उलझे, जीवन हुआ क्लेश में। जैसा भी है,अपना है यह, रहना पंछी देश में। हुआ आज क्या बदल गया क्यों, कुटुम कबीला नीड़ कहाँ। प्रातः छोड़ा था बच्चों […]

सावन मन भावन लगे, भक्ति शक्ति  संगीत। सत्यम शिवम् विराजते, पावन सावन प्रीत।। पावन  सावन  प्रीत, चढ़े झूले  पर सखियाँ। तकती है मनमीत,बरसती  सावन अँखियाँ।। शर्मा  बाबू  लाल, नहीं  हो  भाव  अपावन। भक्ति  प्रीत संजोग, लुभाए   पावन सावन।। .              ….…. हर हर बम बम […]

*भारत माँ के नयन दो हिन्दू मुस्लिम जान। नहीं एक के बिना हो दूजे की पहचान*     गोपाल दास नीरज हिन्दी साहित्यकार शिक्षक एवम कवि सम्मेलनों के मंचों का एक बड़ा नाम था। उन्हें शिक्षा व साहित्य के क्षेत्र में भारत सरकार ने पदम् श्री व पदम् भूषण से […]

भवानीमंडी | सामाजिक संस्था विलक्षणा एक सार्थक पहल समिति, रोहतक हरियाणा द्वारा रविवार को जिला विकास भवन में राष्ट्रीय स्तरीय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें राजस्थान से  भवानीमंडी के कवि ,साहित्यकार राजेश कुमार शर्मा”पुरोहित” को विलक्षणा समाज सारथी सम्मान से सम्मानित किया गया।          पुरोहित […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।