अपने दिल की हर बात लिखता रहा दिन क्या  तमाम  रात  लिखता  रहा एक पल भी आया न मुझको सुकून मैं  अपने  ही  हालात  लिखता रहा लम्हा  खुशी  का  तो,  कभी  गम  का खुद से ही किये सवालात लिखता रहा लोग   शायर   मुझको  समझने  लगे जबकि मैं अपने ख्यालात लिखता […]

आपसी में तकरार क्यो है ये रिश्तों में दरार  क्यो  है न जाने नजर किसकी लगी फीके सब त्यौहार क्यो है टीस सी उभरती है सीने में बदला हुआ व्यवहार क्यो है रौनक भी जाने कहा खो गई सुना ये  घर  द्वार  क्यों है क्यो बढ़ गया रंजिशों का चलन […]

यादों का मौसम सुहाना लगता है दिल  का  रिश्ता  पुराना लगता है तुम ही सोचो तुम्हे कैसे भूल पाएंगे धड़कते दिल का तराना लगता है तुमको  पलको  पर  बिठा  रखा है नामुनकिन तुमको भुलाना लगता है अहसास  प्यार के मर नहीं सकते  तुमको  अपना  बनाना  लगता है दूर हो मुझसे […]

मनाके होली हम कमाल कर देंगे गोरे गालों को हम लाल  कर देंगे करीब आके  सीने से लगा लेना लगा के रंग और गुलाल कर देंगे लगा के ठुमके मस्ती में डीजे पर देखना हम धमाल,धमाल कर देंगे चुम लेंगे हम तेरे इन रुखसारों को और गुलाबी,गुलाबी गाल कर देंगे […]

मंजर सुहाना भाने लगा है मुझे याद कोई आने लगा है मुझसे जो रूठ जाता था कभी वो शख्स मुझे ही मनाने लगा है बातें उसकी मुझको अच्छी लगी वो मुझे अब समझाने लगा है बनाके रखी थी ,दूरियां कभी नजदीक कितना आने लगा है मैंने जाना रिश्ते टूटते ही […]

तलाश करो तो उजाले मिल ही जायेंगे करो मेहनत तो निवाले मिल ही जायेंगे सिद्दत से प्रभु का ध्यान कर लेना लगन हो तो शिवाले मिल ही जायेंगे मेरी मानो तो घर मे रौनक बना रखना हिफाजत न हो तो जाले मिल ही जायेंगे फरेबी लोगों की बातों में ना […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।