गर है दोस्ती तो दोस्ती को सम्मान देना । दोस्तों के लब ………..पर मुस्कान देना ।। मेरी नजरों में दोस्ती है जन्मों का बंधन । देनी पड़ी गर जान तो फिर जान देना ।। दूजा नही  है दोस्त, है परिवार का हिस्सा ।। माता पिता भाई बहन….. को मान देना […]

बच्चे माँ बाप को समझाने लगे हैं छोटे कपड़ों को फैशन बताने लगे हैं भूलने लगे भला क्यों ये संस्कार को होटल डिस्को में वक्त बिताने लगे हैं सभ्यता जैसे अब तो मरने लगी है उंगलियां मोबाइल पर फिराने लगे हैं भूलने हैं लगे अदब और सम्मान को अपने से […]

देख लो तुम मुझे मेरे किरदार में । जिंदगी है गुजारी बस….प्यार में ।। है बहुत ही बड़ी ये दुनिया मगर । सुकून मिलता रहा….परिवार में ।। कहना मानो मेरा द्वेष करना नहीं । क्या रखा है भला……तक़रार में ।। साथी हो जब मेरे उम्र भर साथ दो । छोड़ […]

तख्त मीनारों को रोशनी से सजा देंगे । हर दिल मे देश प्रेम की अलख जगा देंगे ।। हम नही झुकने वालो में तिरंगा लहरा देंगे । दुश्मन थर थर कापेगा ऐसी उसको सजा देंगे ।। ईमान पे हम है चलने वाले ना किसी को दगा देंगे । आँख उठाये […]

क्या जरूरी है अहसासों को थाम लेना क्या जरुरी है रिश्तों को नाम देना बताओ  भँवरा किस नाम से पुकारता होगा खुश रंग कलियों को बताओ कलियाँ किस रिश्ते से पुकारती होगी मनचले भँवरे को क्या जरूरी है हर सवाल के बरक्स एक जवाब खड़ा कर देना क्या जरुरी है […]

हाथ एकदूजे का बटाकर तो देखो, कभी हाले दिल बताकर तो देखो । नफरत दिलों से सब ..मिटानी पड़ेगी । मोहब्बत की शम्मा जलाकर तो देखो ।। सहारा बनो तुम कभी मुफ़लिसों का । हँसो खुद भी,औरों को हँसाकर तो देखो ।। यही अपनापन है यही तो है चाहत । […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।