कभी-कभी किसी का इंतजार बेहद प्यारा लगता है, क्योंकि हर सुबह सूरज की सुकूँ भरी उजली किरण की तरह उसका लौट आना तय होता है,हर रोज की तरह तय होता है उसकी यादों के साथ उसकी मीठी बातो,उसके प्रेम,उसके वादों, उसके प्यार भरे एहसासों का लौट आना,, हा तय होता […]

होती मैं जिस ख़्वाब से रूबरू, वो खूबसूरत ख़्वाब है सिर्फ तू…! हृदय की हर धड़कन में बसा, वो मीठा एहसास है सिर्फ तू….! सिर्फ तेरे लिए ही छलकता, मेरी आँखों का गहरा समंदर….! तुझको ही हरपल मैं सोचूँ, कितनी बेचैनी है मेरे अंदर….! आ इन हाथो को थाम कर, […]

नवरात्रि पर्व मतलब मातारानी की आराधना का पर्व,वैसे तो मातारानी के रूप अवतारों की यदि बात की जाए तो,मातारानी के इतने रूप है जिनका ज्ञान शायद बहुत ही कम लोगो को होगा!मातारानी की आराधना दशमहाविद्या के रूप में भी की जाती है, नवरात्रि पर्व में विशेष रूप से माता के […]

आज तीज की शुभ घड़ी आयी, चाँद ने की किरणों से सगाई…! ब्रम्हमुहूर्त ने मंगल गीत गाये, गोधूलि बेला ने दी है विदाई….! मेहन्दी रचाऊँ इन हाँथो में, पिया के प्रेम की खुशबू आये…! महावर लगाऊं मैं पैरों में, सजना तू ही धड़कन में समाए…! बिंदिया सजाऊँ मांग में, तू […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।