पूज्य पिता जी की बाहों में, जीने का किरदार छिपा हैll ममतामई माँ के *रिश्ते* में, अमर प्रेम संसार छिपा हैll बहिना के राखी धागों में, पूजा पुण्य प्रणाम छिपा हैll नमन वंदना करके देखो, सच में चारों धाम छिपा हैll पिता-पुत्र के *रिश्ते* में, साहस त्याग निदान छिपा हैll […]

किसी भी राज्य अथवा क्षेत्र का अतीत जानने के लिए उसका प्रगैतिहासिक इतिहास को जाना होगा , क्षेत्र मे विद्यमान पुरातात्विक  अवशेषों और शीलाखण्डों को करीब से निहारना होगा । शीलाखण्डों से ताल्लुकात  रखने वाले तथ्यों की तथ्यात्मक तथ्य और कथानक के संदर्भित संदर्भों को पढ़ना होगा और अध्यन के […]

सबका अपना है,. अलग एक किरदार हिंद का प्रधान सेवक भी है, चौकिदार भारत के सियासत में, होता है तकरार चौकन्ना रहेता है,. वतन का चौकीदार ख़ात्मा होगा, वतन का सारा भ्रष्टाचार हर एक नागरिक हो, देश में चौकीदार धूल चाटने लगे है देश के बड़े नामदार भारतियों के आगे, […]

जब धरा पर खेले दुश्मन, वीरों के ख़ून से होली कैसे मैं कविता लिखू,.. स्याही भर लाल-काली भरत खंड का वासी राज, गहन मौन में खोया हूँ वीर शहीदों के यादो में, लिखते-लिखते रोया हूँ पुलवामा में आतंकीयों ने, वीरों के लहू से रंगाये वीर माताओं के लालों को मौत […]

गरजा नभ मंडल में मिराज,. हुआ देख दंग पाक राफ़ेल बाक़ी है अब भी,. हरकत ना कर नापाक आतंकी हरकतें तेरी ए, घनघोर मिसाइल बरसी तेरी आदत है असुरी, देख हिंद क्या क्या करसी सिर्फ़ वायु सेना ही बरसी, वो भी तुम्हें भारी पड़ी पाक तेरे आगे अब, जल,. थल […]

जग में सब का मान नहीं है, हीरों की अब खान नहीं है।। पहले सा अब  काम नहीं है, इतनी भी पहचान  नहीं है।। अपने ही रखते हैं  खंजर, जीना अब आसान नहीं है।। खूब मिलावट करते हैं क्यों? अब अच्छा सामान नहीं है।। जिसको हमने मान दिया था, करता […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।