मैं धरती का दीप बनूंगा, दूर करूँगा अँधियारा। साक्षरता रूपी लहर चलाकर, शिक्षित करूँगा जग सारा। मैं धरती का पुष्प बनूंगा, पावन सुगंध फैलाऊगा। काँटे सारे स्वयं लेकर मैं, कोमल छाँव बिछाऊँगा। मैं धरती का खग बनूँगा, सदभावना फैलाऊँगा। समृद्धि गरिमा प्रतीक बनकर, झंडा ऊँचा उठाऊँगा। मैं धरती का कृषक […]

बचपन है, जीवन के वे अनमोल क्षण, जो रहस्यमयी अनुभवों को छोड़ गये। अनुभव के लिए, आंख- मिचौली के लिए, हर आशंका से मुक्त, स्वछन्द, निर्भीक जीवन के पल, स्वप्नों से समावेशित, क्षणिक, रहस्यमयी जीवन के अंश, जो अमिट, अचिरायु मात्र हैं। #नाम-प्रीति गौड़ पता- जयपुर(राजस्थान) शिक्षा- एम टेक ( […]

न वाद न विवाद न अपवाद न छायावाद न प्रयोगवाद न प्रगतिवाद न अभिधा न लक्षणा न व्यंजना न छंद न गद्य न कविता न श्रृंगार न ओज न हास्य-व्यंग्य न सिद्ध न स्वयंसिद्ध न प्रसिद्ध न चिरकालिक न समसामयिक न राजनैतिक मैं लिखती हूँ सिर्फ और सिर्फ खुद का […]

आज माँ के साथ  दीवाली की  सफाई मे  मैं हाथ बंटा रही थी | यकायक सफाई करते-करते एक छोटा बक्सा हाथ लगा। “माँ से पुछा,तो माँ हल्का मुस्कुरा कर बोली”,  ये…..ये मेरी और तेरे पापा की वो यादें हैं, जिन्हें देख हमारे लबो पे मुस्कुराहट आ जाती है। मैंने झट […]

सुनो! शायद जब से खुद को जाना तुम्हे लिखा तुम्हे जिया याद भी नहीं जाने कब से,… जीवन की हर अनुभूति सुख हो दुख हो हार हो जीत हो प्रेम हो विरह हो तकरार हो प्यार हो नजदीकियां हो दूरियाँ हो, हर एहसास जो जीया जो दिल ने चाहा या […]

भविष्य निखारता, ज्ञान है बाटता। इंसानियत का पाठ पढ़ाता, अंधेरा हटा उजाला लाता। सपनों को पूर्ण करने मे ,हमे सही राह दिखाता। जीवनपथ पर डटते हुए है, चलना सिखलाता। बच्चों का पढ़ने मे कैसे है ध्यान लगवाना,कला यह बखूबी जानता। ज्ञान का इसमें भंडार भरा है,यही गुरु,यही ब्रह्मा है। धैर्य […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।