मुंबई| श्री मुम्बई दिगम्बर जैन सेवा समिति, मुम्बई विगत 14  वर्षों से  जैन युवा युवती  परिचय सम्मेलन का आयोजित करती आ रही है । इस श्रंखला में आज दिनांक 14/04/2019 को 15 व परिचय सम्मेलन का आयोजन श्री हलारी बीसा ओसवाल समाज हाल, दादर, मुंबई किया गया,  जिसमें करीब 950 […]

चार दिनों की चांदनी मिली है अपनों से क्यों व्यर्थ्य गमाये जा रहा इस ख़ुशी के पल को / वैसे तो कौन किसका होता है इस ज़माने में सब को अपनी अपनी पड़ी है दौलत कमाने में / जब से मिला है तुझे मौका पैसे कमाने का / तो कमाए […]

सफर में मिलते तो बहुत है / परन्तु पुन: कम ही मिलते है / और जो पुन: मिलते है / तो फिर वो बार बार मिलते है / अपनी खुद की पहचान बनाओ / जो बहुत मुश्किल से बनती है / नाम मिटने वाले बहुत मिल जायेंगे / और ख्याति […]

चेहरा भूल जाओगे तो शिकायत नहीं करेंगे/ नाम भूल जाओगे तो गिला नहीं करेंगे/ और मेरे दोस्त दोस्ती कि कसम है तुझे / जो दोस्ती भूल जाओगे तो कभी माफ़ नहीं करेंगे / ख़ुशी से दिल आबाद करना मेरे दोस्त / और गम को दिल से आज़ाद करना / हमारी […]

दिलो की बात दिलवाले जानते है / प्यार का दर्द सिर्फ परवाने जानते है / दो जवां दिलो का गम दूरियां समझती है …। कौन याद् करता है हिचकियां समझती है…।1। जब भी एक को दर्द या गम होता है / जलना तो दोनों को ही पड़ता है / तभी […]

घमंड के कारण अच्छे अच्छे पंडितो और विध्दमान लोग अपना  सर्व नाश कर लेते है / जैसे की आज कल के लोगो में घमंड बहुत  भरा हुआ है / वो थोड़े से पैसे वाले या उच्च्य पदो पर क्या आसीन होते है की स्वंय को भगवान समझने लगते है / […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।