इंटरनेट की दुनिया ने हिंदी या कहे प्रत्येक भाषा के साहित्य और लेखन को जनमानस के करीब और उनकी पहुँच में ला दिया है, इससे रचनाकारों की लोकप्रियता में भी अभिवृद्धि हुई है।  किन्तु इन्ही सब के बाद उनके सृजन की चोरी भी बहुत बड़ी है।  जिन लोगो को लिखना […]

कविता में संवेदना और प्रेम की नदियाँ बहती है | सच्चा कवि-रचनाकार वो है जो किसी भी स्थान या जगा की परवाह किये बिना कविता की रचना करने में ही रस होता है | कितने लोग कविता पढने की टालते है | किसी को कभी कभी कविता सुनने में भी […]

पुस्तक समीक्षा – ” को अहम ” लेखक – अशोक जमनानी प्रकाशक – श्रीरंग प्रकाशन , होशंगाबाद मूल्य – ₹250 /- जिज्ञासाओं के समाधान और कर्मपथ की प्रेरणा देता है , उपन्यास – को अहम साहित्य के क्षेत्र में नर्मदांचल के युवा रचनाकार अशोक जमनानी अब अनजाना नाम नही है। […]

 मन के मनके: काव्य-संग्रह ◾◾◾◾◾◾◾◾◾◾ कवियित्री : डॉ. पुष्पा जोशी संस्करण  : प्रथम, हार्डबाउंड 2018 प्रकाशक : अमृत प्रकाशन, दिल्ली पृष्ठ         : 110 मूल्य       : 250/- रूपये मात्र *************************** कबीरदास जी ने कहा था – माला फेरत जग भया, फिरा न मन का फेर । […]

पुस्तक समीक्षा – सच , समय और साक्ष्य  शिवना प्रकाशन , सीहोर । मूल्य – 175 ₹  कोमलता से चुभन का यथार्थ एहसास कराती हैं शैलेन्द्र की कविताएं बैंक प्रबंधक के पद पर रह कर वित्तीय आंकड़ों में उलझते- सुलझते सेवानिवृत हुए प्रेम और मानवीय संवेदनाओं के कुशल चितेरे कवि […]

 मैं अमूमन समीक्षाएँ कम लिखता हूँ । कारण यह है कि काफी संख्या में मिले पुस्तकों में से अगर किसी एक पर लिखता हूँ तो दूसरे साथी सोचेंगे कि उनकी पुस्तक में क्या कमी है ! बात सच भी है । वर्षों की साधना से लिखे किसी पुस्तक को कुछ […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।