नज़र मिलते ही मेरे दिल को फौरन कर गया घायल, तुम्हारी आँख का काजल,तुम्हारी आँख का काजल। तुम्हारी हिरनी जैसी चाल पर संसार मरता है, तुम्हें जो देख लेता है वही हो जाता है पागल। तुम्हारी ज़ुल्फ बिखरे तो मुझे महसूस होता है, उमड़ आया हो जैसे स्याह-सा बरसात में […]

धन्य-धन्य भारत की सेना, भारत के हर वीर जवान। दस बंकर को नष्ट किए हैं, नानी याद करे शैतान। अमन चैन की बात न  समझे, हत्या बस जिनका है काम। वो क्या समझे मानवता को, मजहब को करते बदनाम। नज़र उठाए जो भारत पे, उसको झट फोड़ो अब आँख। आतंकी […]

ये तूफान के पहले की शांति है या आंधी के बाद का सन्नाटा? हकीकत चाहे जो भी हो लेकिन उम्मीद जो तुमने जगाई, उसके बाद सन्नाटे का ये आलम ऐसा लगता है जैसे मंजिल तो मिली पर चैन नहीं, पूछो अपने आपसे कि यहाँ  बैचेन कौन नहीं। जंग समाप्त होने […]

युगों के बैरी मित्र हुए, न सगों का मन से बैर गया। यहाँ उथले में ही डूब गए, वहाँ पानी में बताशा तैर गया।। युगों के बैरी मित्र हुए…… मेरा दीपक जले रात भर, और का जलते बुझ जाए। छलनी जिसमें छेद बहत्तर, गैर के अवगुण बतलाए।। खोट हैं जिनकी […]

शब्द से मैं वेदना की प्रीत लिखना चाहता हूँ, काव्य की संवेदना से रीत लिखना चाहता हूँ। _ पथ न विचलित हो सृजन की वादियों में इसलिए, लेखनी से चेतना का गीत लिखना चाहता हूँ।   धर्म यह कवि का नहीं,चारण बने युगदेव का, कर्म का पथ छोड़कर,तारण बने स्वमेव […]

जी रहा हूँ श्वांस हर तेरे लिए, पी रहा हूँ प्यास हर तेरे लिए। हर ख़ुशी-आनंद है तेरे लिए, मीत! मेरा छंद है तेरे लिए। मधुर अनहद नाद है तेरे लिए, भोग,रसना,स्वाद है तेरे लिए। वाक् है,संवाद है तेरे लिए, प्रभु सुने फ़रियाद है तेरे लिए। जिंदगी का भान है […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।