Archives for व्यंग्य - Page 2

Uncategorized

ब से बकरी या बालिका

बकरी का सबसे बड़ा योगदान बकरे पैदा करना। बकरी की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है। अब किसकी सुरक्षा ज्‍यादा जरूरी है बकरी या बालिका की। बालिका गृह में…
Continue Reading
Uncategorized

दूसरों की कमाई , हमें क्यों बताते हो भाई ….!!

tarkesh ojha उस विवादास्पद अभिनेता पर बनी फिल्म की चर्चा चैनलों पर शुरू होते ही मुझे अंदाजा हो गया कि अगले दो एक - महीने हमें किसी न किसी बहाने…
Continue Reading
Uncategorized

*धर्मपत्नि*

यह हिन्दुस्तान है भैया, यहाँ रिश्ते मचलते है। त्याग रिश्तों में होता है, रिश्ते भीे छलकते हैं। बहुत मजबूत हैं रिश्ते, मगर मजबूर भी देखे। कभी मिल जान देते थे,…
Continue Reading
Uncategorized

श्मशान घाट

संसद भवन में नेताजी पर विपक्ष जोरदार प्रहार कर रहा था।  "गांव के विकास और उन्नति के लिए नेताजी ने आज तक कुछ नहीं किया। जबकी वर्षों से गांव के…
Continue Reading
Uncategorized

प्रिये……….

फसल लहलहाती तुम अफीम की मैं सूखा  पीड़ित  ईख   खेत  प्रिये हो मिट्टी तुम चिकनी और मुल्तानी ज्येष्ठ धूप में तपती मैं गर्म रेत प्रिये हो छड़ी  जादुई बालपरी  की …
Continue Reading
Uncategorized

फिर क्यों आई हो ?

बार-बार इनकार करने पर भी पीछा नहीं छोड़ती,तुम समय व स्थान का भी अनुमान नहीं लगाती,कब कौन-कहाँ-कैसी भी अवस्था में हो,तुम तपाक से आ जाती हो। लाख मना करने पर…
Continue Reading

मातृभाषा को पसंद कर शेयर कर सकते है