भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है जहाँ सभी वर्गों,जातियों एवं सम्प्रदायों से जुड़े लोगो को अपनी बात कहने और अपना पक्ष रखने की स्पष्ट रूप से स्वतंत्रता है। लेकिन,अगर हम भारत देश की वर्तमान राजनीति की बात करते है तो दिलो-दिमाग में बहुत ही नकरात्मक छवि सामने आती […]

भारत की राजनीति में 2019 का लोकसभा चुनाव बहुत ही अहम स्थिति में है। क्योंकि, देश की बदलती हुई राजनीति के साथ उभरती हुई राजनीति के बीच एक बड़ी लड़ाई होने वाली है जोकि, वास्तव में शून्य स्तर पर अपने पैर मजबूती के साथ गड़ाए हुए है। इसलिए के देश […]

 देश के एक बड़े हिंदी चैनल पर चल रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साक्षात्कार के दौरान राफेल सम्बन्धी सवाल पूछने पर प्रधानमंत्री अचानक गुस्से में क्यो आ गए,क्या किसी पत्रकार द्वारा देश,दुनिया और समाज मे किसी मुद्दे या फिर समस्या को लेकर प्रश्न पूछना गुनाह है?क्या पत्रकार केवल वही प्रश्न […]

1

आज गर्व के साथ हम यह कह सकते हैं कि हम विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र का हिस्सा हैं। “लोकतंत्र” यानी शासन व्यवस्था की वह प्रणाली जिसमें हर बार जनता को अपना भाग्यविधाता चुनने का अवसर मिलता है। इसी लिए देश के किसी न किसी हिस्से में हर वर्ष चुनाव […]

(सन् 2019 में सत्रहवीं लोकसभा चुनाव के लिए) 1. संघ की राजभाषा को संघ की राष्ट्रभाषा बनाया जाए अर्थात् अधिकृत राष्ट्रीय संपर्क र्क भाषा तथा राज्यों की राजभाषाओं को राज्यों की राज्यभाषा अर्थात राज्यों की अधिकृत संपर्क भाषा बनाया जाए। 2. सभी निर्वाचित लोकसभा सदस्य सदन में अपनी अभिव्यक्ति भारतीय […]

जी हाँ भारत की राजनीति में चुनावी पिटारा खुलना कोई नई बात नहीं है। इस प्रकार का पिटारा लगभग सभी राजनीतिक पार्टियां चुनावी मौसम में खोलती रही हैं, जिसके माध्यम से देश की जनता को मुँगेरी लाल के हसीन सपने दिखाकर सियासी पार्टियां फिर चली जाती हैँ। यदि शब्दों को […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।