स्टूडेंट ऑफ द इयर -2 फार्मूला पुराना लेकिन स्वाद न दे पाया,, समीक्षा इदरीस खत्री द्वारा,, निर्देशक ;- पुनीत मल्होत्रा, अदाकार;- टाइगर श्रॉफ, तारा सुतारिया, अनन्या पांडे, हेमांष कोहली, आदित्या, सना सईद, फ़रीदा जलाल, समीर सोनी संगीत विशाल शेखर, सलीम सुलेमान लेखन अरशद सैयद दोस्तो क्योकि फ़िल्म का नाम की […]

भाग एक….. इदरीस खत्री द्वरा,,, दोस्तो मार्वल सिनेमेटिक एक फ़िल्म निर्माण कम्पनी है जो अमेरिकन है जिसने सुपरहीरो को नई दिशा के साथ नई दशा भी दी है,,साथ ही विश्वस्तर पर फिल्मो ने अभूतपूर्व सफलता के साथ धन की बरसात भी की है *मुझे कई दोस्तो के फोन आए पूछा […]

रोमियो अकबर वाल्टर दिल तो नही छू पाई रॉ, फ़िल्म समीक्षक इदरीस खत्री द्वरा,,,, निर्देशक रॉबी ग्रेवाल अदाकार जान अब्राहम, मोनी रॉय, जैकी श्रॉफ, सिकन्दर खैर, बोमन ईरानी, अलका अमीन संगीत अंकित तिवारी, सोहैल सेन, शब्बीर एहमद, राज आशू पार्श्व ध्वनि हनीफ शेख, अवधि 139 मिनट दोस्तो देश मे टाइगर […]

निर्देशक चक रसैल अदाकार विद्युत जामवाल, अक्षय ओबेराय, आशा भट्ट, अतुल कुलकर्णी, मकरन्द देशपांडे, पूजा सावन्त, विश्वनाथ चैटर्जी, कहानी रितेश शाह, पटकथा एडम प्रिंस, चक रसैल संगीत समीरउद्दीन एक्शन परवेज शेख चुंग ली फिल्मांकन मार्क इरविन दोस्तो दुनिया की सबसे खूबसूरत रचना है इंसान यदि इंसान को कुदरत ने सबसे […]

दोस्तो अक्षय खिलाड़ी कुमार एक ऐसे अभिनेता और हीरो है जो कभी नम्बरो की दौड़ में शामिल नही हुवे, न ही अवर्डस कि दौड़ में, साथ ही न उन्होंने इस बात की परवाह की कि साल में कम या ज्यादा फिल्मे देना है, लेकिन अक्षय आज टिकट खिड़की पर सफलता […]

केसरी बेटल ऑफ सारागढ़ी देशभक्ति का अलख जगाती, फ़िल्म समीक्षक इदरीस खत्री द्वारा,, निर्देशक अनुराग सिंह अदाकार अक्षय कुमार, परिणिती चोपड़ा, गोविंद नामदेव, राजपाल, वंश भारद्वाज, मीर सरवर, शुरूआत फ़िल्म के गाने से ही हो सकती है तेरी मिट्टी में मिल जावा, गुल बनके मैं खिल जावा, तेरी नदियों में […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।