दोस्तो बात  80 के दौर से शुरू करते जब खबरे पहुचने सबसे आसान और सुलभ साधन होता था रेडियो, जिस पर लोगो को हमने कान गड़ाए कंधो पर उठाए गाने, कॉमेंट्री, समाचार सुनते देखा था,, फिर आया देश मे 80 का दशक जिसमें टीवी आया,जिस पर मात्र एक चैनल दूरदर्शन […]

इतिहास तक ले जाने में सफल निर्देशक -कृष अदाकार-कंगना रणौत, डेनी, जीशान अय्यूबी, अंकिता लोखंडे, अतुल कुलकर्णी दोस्तो भारतीय इतिहास में वीर रस के कवित्व में हम सब ने पड़ा और सुना है खूब लड़ी मर्दानी झांसी वाली रानी ,,,, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के जिक्र के बिना भारतीय स्वतंत्रता […]

इदरीस खत्री द्वारा सिम्बा निर्देशक :- रोहित शेट्टी अदाकार :- रणवीर सिंह, सारा अली खान, सोनू सूद,वैदेही, आशुतोष राणा, अश्विनी कलसेकर, गणेश यादव, अशोक समर्थ, कैमियो अक्षय कुमार, अजय देवगन, गोलमाल टीम, बजट :- 80 करोड़ स्क्रीन्स :- 4500 भारत 2015 में आई दक्षिण भारतीय फिल्म टेम्पर से प्रभावित-आधारित कहा […]

ज़ीरो दर्शको को मोह गए बामन- बउआ,, निर्देशक:- आनंद एल रॉय लेखक -हिमांशु शर्मा अदाकार :-शाहरुख, अनुष्का शर्मा कोहली, कैटरीना कैफ, तिग्मांशु धूलिया, अभय देओल, जावेद जाफरी, शीबा चड्डा, आर माधवन, जिशान अय्यूबी,बृजेन्द्र काला, अवधि :- 164 मिंट संगीत:- अतुल अजय बजट :- 160+38=200 करोड़ ₹ लगभग स्क्रीन्स :- 4500 […]

भाग –2……………… *दोस्तो  VFX का हिंदी प्रचलित कोई लब्ज़ नही मिलने और यही लब्ज़ प्रचलित होने के कारण अंग्रेजी भाषा से ले लिया*  दोस्तो VFX का प्रभाव और इस्तेमाल फिल्मो की आनिवार्यता बनते जा रहा है आज पिछली चर्चा को आगे बढ़ाता हूँ, हॉलीवुड तो बेइंतेहा आगे सफर कर रहा […]

भाग–1 यानी काम किसी और का शोहरत किसी और कि,,, दोस्तो आज की चर्चा का उनवान यानी विषय है कि काम किसी और का, शोहरत किसी और को मिले फिल्मो में बढ़ता चलन VFX और CGI का, उदाहरण के तौर पर आपने बाहुबली-1 फ़िल्म देखी होगी तो उस फिल्म में […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।