पुस्तक समीक्षा  पुस्तक का नाम- साहित्य समिधा (पद्य – गद्य संग्रह)  मुख्य संपादक – श्रीमती ममता बनर्जी ‘मंजरी’ मुख्य वरिष्ठ संपादक – डॉ अवधेश कुमार ‘अवध’  प्रबंध संपादक –  डॉ अरुण कुमार ‘सज्जन’  सर संपादक – डॉ अनुज कुमार                     श्री […]

पुस्तक समीक्षा…… उर्दू पत्रकारिता की अहमियत से किसी भी सूरत में इंकार नहीं किया जा सकता. पत्रकारिता का इतिहास बहुत पुराना है. या यूं कहें कि जब से इंसानी नस्लों ने एक-दूसरे को समझना और जानना शुरू किया, तभी से पत्रकारिता की शुरुआत हो गई थी. उस वक़्त लोग एक-दूसरे से […]

डा प्रभात कुमार प्रभाकर नई नस्ल के हिन्दी के ऊर्जावान लेखक  हैं. इस बात का अंदाज़ा इसी से लग जाता है कि इस नये साल में ही अज्ञेय पर उनकी दूसरी और कुल चौथी पुस्तक है. अज्ञेय विचार और विमर्श डा प्रभात कुमार प्रभाकर, और डा सत्यदेव प्रसाद के सन्युक्त सम्पादन […]

 सहयोग प्रकाशन जमशेदपुर से प्रकाशित यात्रा वृत्तांत सफर श्रृंखला पुस्तक डॉ आशा श्रीवास्तव द्वारा लिखी गई बेहद रोचक, ज्ञानवर्धक एवं सारगर्भित हिंदी की रचना है l इस पुस्तक की भाषा इतनी सरल है कि विद्यालय में पढ़ने वाले छोटे-छोटे छात्र भी पढ़ कर आसानी से समझ सकते हैं l इस […]

कृति:- ख़ामोश दर्द लेखक:- प्रमोद कुमार “हर्ष” संस्करण:- प्रथम 2019 पृष्ठ:-64 प्रकाशक:- वर्तमान अंकुर नोएडा, गौतमबुद्धनगर समीक्षक:- राजेश कुमार शर्मा”पुरोहित’       प्रस्तुत कृति “खामोश दर्द” प्रमोद कुमार “हर्ष ” हिमाचल प्रदेश के युवा कवि की प्रथम कृति है जिसमें 11 कहानियाँ है और 41 काव्य रचनाएँ हैं। कृति […]

मरु नवकिरण (अप्रेल-जून 2019) लघुकथा विशेषांक सम्पादक: डॉ. अजय जोशी  अतिथि सम्पादक: डॉ. घनश्याम नाथ कच्छावा समीक्षक: डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी मरुधरा पर गिरने वाली पहली अरुण किरण से ही बालू मिट्टी के अलसाए हुए कण रंग परिवर्तित कर चमकने लगते हैं। तब वे अपने आसपास के घरोंदों को भी रक्त-पीत वर्ण का […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।