बेख़ौफ़ हो रही हैं पुतलियाँ किसलिए, दम तोड़ रही हैं सिसकियाँ किसलिएl जब हिन्दू भी अपने हैं,मुसलमां भी अपने, ख़ामोखां जल रही हैं बस्तियां किसलिएl इस फिजा में मिलाया है ज़हर किसने, बे-मौत मर रही हैं तितलियाँ किसलिएl इंसान तैरता पानी में,पंछी चलते ज़मीं पर, हवा में उड़ रही हैं […]

अगर हमारे शरीर में केवल पिन चुभ जाए तो हम कराह उठते हैं,सोचो जिन जीवों पर कटार चलती है उन्हें कितनी पीड़ा होती होगी? अगर हम एक मांसाहारी को प्रेरणा देकर शाकाहारी बनाने में सफल हो जाते हैं तो,हमें अड़सठ तीर्थों की यात्रा जितना पुण्य घर बैठे मिल जाएगा। महावीर […]

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प्रायः यह देखा गया है कि,आज की युवा पीढ़ी जिन्दगी को जीना नहीं चाहती,बल्कि उड़ना चाहती है। पा लेना चाहती है सबकुछ, कुछ ही पलों में। धैर्य,शान्ति,सबर जैसे शब्द तो जैसे उनकी जिन्दगी में ज्यादा मायने ही नहीं रखते। ऐसे हालातों में संवाद ही एक ऐसा जरिया है,जिससे युवा पीढ़ी […]

क्षमा भाव मन में धारण,कर ले ओ भोले प्राणी, कर दे क्षमा तू सबको,खुश होगी जिंदगानी …. । नफरत के बीज बोए,काँटों से दिल लगाया, सोचा न एक पल भी,अपनों का दिल दुखाया। … मैं हाथ जोड़कर के,मानूं अपनी गलती, कर दे क्षमा तू  मुझको,खुश होती जिंदगानी.. क्षमा भाव मन […]

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बोर्ड परीक्षा एक खेल है, अंकों की रेलम पेल है. पास सबको ही करना है, निरीक्षक का कहना है। न हो ज्ञान स्वर-वर्णो का, अंकों की फिर भी होली है.. उतारा है केवल प्रश्नों को, पास होना उनका जरुरी है। स्तर होगा शिक्षा का ऐसा, होगा देश का भविष्य कैसा.. […]

जल हमें प्रकृति से विरासत में मिला एक अमूल्य संसाधन है। यह पृथ्वी पर पाए जाने वाले समस्त प्राणियों तथा पादपों के जीवन का मुख्य आधार है,इसीलिए जल को जीवन कहा गया है। जहॉं जीवन है वहॉं जल तथा वायु की आवश्यकता को कदापि नकारा नहीं जा सकता है। पेड़-पौधे,जीव-जन्तु […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।