दोस्तों,आज के इस कलयुगी और मायाचारी संसार में हम और आप अपनी संस्कृति को बिलकुल से ही खो चुके हैं।पश्चिमी सभ्यता को अपने जीवन के साथ अपने घरों में भी सजाने और व्यवहार में अपनाने लगे हैं। इस चक्कर में भारतीय सभ्यता और संस्कृति को पुरानी व रूढ़िवादी बताते हुए […]

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मनोविज्ञान का अर्थ होता है मन का विज्ञान ! इसके अंतर्गत मानव मन को समझने और उसके अनुसार कार्य करने की सलाह दी जाती हैं ! बच्चों के मनोविज्ञान का अध्ययन बाल मनोविज्ञान के अंतर्गत किया जाता है सभी चाहते हैं कि उनके बच्चों का भविष्य उज्जवल हो ! इस […]

अश्लीलता मन के विचारों में होती है किंतु आज यह  खुलेआम सड़कों पर उतर आई है । नित्य  प्रतिदिन दिल को दहला देने वाली घटनाएं मासूम अबोध बेटियों से लेकर परिपक्व , अधेड़ , वृद्धा आज वासना के भूखे भेड़ियों की हवस का शिकार हो रही हैं ,और हाल ही […]

(स्वामी विवेकानंद जयंती विशेष) युगपुरुष,वेदांत दर्शन के पुरोधा, मातृभूमि के उपासक,विरले कर्मयोगी, दरिद्र नारायण मानव सेवक,तूफानी हिन्दू साधु,करोड़ों युवाओं के प्रेरणास्त्रोत व प्रेरणापुंज स्वामी विवेकानंद का जन्म १२ जनवरी १८६३ को कलकत्ता आधुनिक नाम कोलकता में पिता विश्वनाथ दत्त और माता भुवनेश्वरी देवी के घर हुआ था। दरअसल यह वो […]

विवाह इस मानव जीवन की सबसे बड़ी आवश्यकता है और एक सामाजिक दायित्व भी है। यह प्रेम अनुबंध दो मनुष्यों यानि पुरुष एवं स्त्री के परस्पर सहयोग और सहभागिता से आजीवन निभाया जाता है। सफल एवं सुखी वैवाहिक जीवन के कुछ नियम और शर्तें होती हैं,जिनका पालन दोनों के लिए […]

(बाल दिवस विशेष)  भारत में हम प्रत्येक वर्ष १४ नवम्बर को पं.जवाहर लाल नेहरू के जन्मदिन को बाल दिवस के रूप में मनाते हैं,लेकिन आज भी देश के करोड़ों बच्चे दो जून की रोटी को मोहताज है। जिस उम्र में इन बच्चों के हाथों में स्कूल जाने के लिए किताबों से […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।