मातृभाषा उन्नयन संस्थान राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष व बोली विकास कार्यक्रम‌ अधीक्षक श्री रिखब चन्द राँका ‘कल्पेश’ जयपुर  को  लेखन व समाज सेवा में उल्लेखनीय योगदान हेतु हरियाणा की साहित्यिक संस्था विलक्षणा एक सार्थक पहल समिति (रजि 02314) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर के सम्मान समारोह में विलक्षणा रत्न सम्मान 2018 से […]

रतनगढ़ । अणुव्रत विश्व भारती नई पीढ़ी के सर्वांगीण विकास के लिए कार्यरत संस्था है। यह संस्था स्कूल विथ ए डिफरेंस प्रयोजना के माध्यम से बच्चों के लिए रचनात्मक माहौल का निर्माण करती है।  इस के अंतर्गत संस्था द्वारा देशविदेश के रचनाकारों से उन की रचनाएं आमंत्रित की गई थी […]

इंदौर । हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए  मातृभाषा उन्नयन संस्थान व हिन्दीग्राम द्वारा सम्पूर्ण राष्ट्र में जनसमर्थन अभियान संचालित किया जा रहा है, इसकी कड़ी में संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अर्पण जैन ‘अविचल’ ने बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक सोहन जी सोलंकी से इंदौर स्थित बजरंगदल कार्यालय में […]

आगरा | विश्वशांति मानव सेवा समिति – आगरा (उ. प्र.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जय किशन सिंह एकलव्य ने मुकेश कुमार ऋषि वर्मा को समिति में मीडिया प्रभारी (अवैतनिक) के पद पर मनोनीत किया है | विश्वशांति मानव सेवा समिति के सौजन्य से इस समय कई महत्वपूर्ण कार्यों को किया जा […]

        इंदौर। हिंदी भाषा के प्रति  जागरूकता एवं मातृभाषा उन्नयन संस्थान के हिंदी हस्ताक्षर व हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने हेतु जनजागृति पर केंद्रित चित्र शृंखला का लोकार्पण रविवार को देश के सुप्रसिद्ध कवि एवं गीतकार डॉ विष्णु सक्सेना ने किया। इस अवसर पर श्री सक्सेना जी ने […]

साहित्य संगम संस्थान दिल्ली की ई पत्रिका “मन की बात” नशा निषेध विशेषांक का विमोचन 21 जून 2019 योग दिवस पर पंचपरमेश्वर की पंच जबलपुर की साहित्यकार आद डॉ भावना दीक्षित जी के करकमलों से किया गया उन्होंने बताया की *मन की बात* ” नशा निषेध विशेषांक ” का विमोचन […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।