कैथल | टांटिया विश्वविद्यालय,श्री गंगा नगर  राजस्थान एवं किन्नर अधिकार ट्रस्ट (रजि.), कैथल, हरियाणा के संयुक्त तत्वावधान में गुहला-चीका, जनपद-कैथल, हरियाणा में  “किन्नर समाज विविध परिपेक्षीय विमर्श” विषयक दो दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय बहुउद्देशीय संगोष्ठी  कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में देश- विदेश के शोधार्थीओं ने भाग लिया और अपने-अपने […]

जयपुर |  परिष्कार कॉलेज ऑफ ग्लोबल एक्सीलेन्स में सक्षम सोसाइटी द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में जयपुर के शिक्षक श्री मनोज कुमार सामरिया ‘मनु’ को उनके शैक्षिक क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए  आइकॉनिक फैकल्टी अवार्ड – 2019 ( ICONIC FACULTY AWARD -2019 ) से सम्मानित किया गया  | इस अवसर […]

साहित्य संगम संस्थान दिल्ली की ई पत्रिका *मन की बात* नशा निषेध विशेषांक का दूसरे अंक का विमोचन 29 जून को साहित्य संगम संस्थान के मुख्य पटल पर  आदरणीय नवल किशोर जी द्वारा भक्ति काल में किया गया।  यह पत्रिका किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने का संदेश […]

इंदौर ।  हिन्दी भाषा को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए कार्यरत संस्था ‘मातृभाषा उन्नयन संस्थान’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ की अनुशंसा पर संस्थान की राष्ट्रीय महासचिव डॉ प्रीति सुराना ने राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष हेतु अजमेर निवासी, मधु खंडेलवाल को नियुक्त किया है। श्रीमती खंडेलवाल वरिष्ठ साहित्यकार व अजमेर […]

नई दिल्ली | विश्व हिन्दू परिषद ने मांग की है कि पाकिस्तान द्वारा पीड़ित हिन्दुओं के धार्मिक, सामाजिक व मानवाधिकारों की रक्षा के साथ उन्हें भारत में नागरिक अधिकार दिए जाएं. परिषद् के केन्द्रीय मंत्री (विदेश विभाग) श्री प्रशांत हरतालकर ने एक प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए यह आज भी […]

इंदौर ।  हिन्दी भाषा को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए कार्यरत संस्था ‘मातृभाषा उन्नयन संस्थान’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ की अनुशंसा पर संस्थान की राष्ट्रीय महासचिव डॉ प्रीति सुराना ने तेलंगाना प्रदेश अध्यक्ष हेतु निज़ामाबाद निवासी, श्रीमन्नारायणाचार्य “विराट” को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। श्री विराट वरिष्ठ साहित्यकार […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।