अलीगढ़। अलीगढ़ महोत्सव-२०१८ (राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी) में मुक्ताकाश मंच से ‘हिंदी प्रोत्साहन समिति उ.प्र.(इकाई)’ के सौजन्य से हिंदी प्रोत्साहन कार्यक्रम किया गया। इसमें हिंदी सेवी साहित्यकारों,कलाकारों,पत्रकारों सहित हिंदी में उच्च अंक प्राप्त छात्र -छात्राओं को समिति द्वारा पुरस्कृत किया गया। इसी कड़ी में युवा साहित्यकार एवं क्षेत्रीय फिल्म कलाकार […]

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 9 पुस्तकों का विमोचन हुआ समारोह में इंदौर। हिन्दी के सम्मान में हिन्दुस्तानियों को आगे होना होगा,अन्यथा अंग्रेजी की गुलामी करते-करते पीढ़ियों ने दूरी बना ली। अंग्रेजी नौकरानी है,उसे महारानी न बनाएं। हिन्दी में हस्ताक्षर करें। यह बात प्रसिद्ध पत्रकार और अंतर राष्ट्रीय मामलों में अनुभवी लेखक डॉ.वेद प्रताप वैदिक […]

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  हिसार। बेहतरीन कार्यों के लिए रोहतक निवासी लेखिका सुषमा मलिक को राज्य स्तरीय समारोह में सम्मानित किया गया। हिसार में हुए इस समारोह में सुषमा मलिक को ‘सांझी सोच सम्मान’ से  अलंकृत किया गया। मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद डॉ. सुभाष चंद्रा रहे।  अध्यक्षता कला एवं संस्कृति प्रकोष्ठ के प्रदेश […]

#८ साझा संकलन सहित कुल ९ किताबों का विमोचन  #देशभर से ७० साहित्य सारथियों को मिलेगा सम्मान  #५० साहित्य साधकों को मिलेगा भाषासारथी सम्मान इंदौर। साहित्य के क्षेत्र की ख्यात संस्था अन्तरा शब्दशक्ति व हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए कार्यरत ‘हिन्दीग्राम’  और मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा ३ फरवरी २०१८ […]

मुंबई | `बिक्री बढ़ाने के लिए बिस्लेरी ने भारतीय भाषाओं को अपनाया। पता नहीं,दूसरी कंपनियों को यह समझ में आया कि नहीं आया`ll बिस्लेरी कंपनी की इस समझ और ग्राहक के सम्मान के लिए उन्हें धन्यवाद तो दिया जाना चाहिएl उन्हें अपनी भावनाओं से अवगत करवाएँ। विपणन(मार्केटिंग) के लिए भारतीय […]

दिल्ली। स्वामी विवेकानद को समर्पित `इंडिया एक्सीलेंस प्राइड अवार्ड` एवं नेशनल चेंजमेकर्स कॉन्क्लेव-२०१८ की अध्यक्षता भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद मनोज तिवारी ने की। श्री तिवारी सहित बी.पी.सिंह(पूर्व राज्यपाल-सिक्किम),सुश्री एरा सिंघल, पी.आर.श्री त्रिवेदी और मनहर वर्जी भाई झाला के आतिथ्य में इंदौर के लेखक डॉ. अर्पण जैन […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।