इंदौर | शहर में बेशुमार कला और कलाकारों बसते है, उनमें से एक ‘पीजे प्रोडक्शन भी है, जिनके द्वारा एक विडीयो एलबम ‘हीरीये’ का निर्माण किया गया जिसकी लाँचिंग 13 मई को इंदौर में होगी|    कैसे एक फीचर फिल्म की कहानी को मात्र 13 मिनट में समेटा जा सकता […]

धार | हिन्दी भाषा को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए कार्यरत संस्था ‘मातृभाषा उन्नयन संस्थान’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ की अनुशंसा पर राष्ट्रीय महासचिव डॉ. प्रीति सुराना ने राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष हेतु जयपुर निवासी रिखबचन्द राँका ‘कल्पेश को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है।        श्री रिखबचन्द […]

नई दिल्ली| अप्रेल 30, 2018. भगवान बुद्ध की प्रज्ञा करुणा व समता की शिक्षा से ही विश्व शान्ति संभव है. विहिप कार्याध्यक्ष आलोक कुमार ने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर आज प्रात: दक्षिणी दिल्ली के बुद्ध विहार में दर्शन-पूजन के उपरान्त कहा है कि भारत की पावन धरा पर अवतरित […]

महत्वपूर्ण सूचना असंयमितता, अनियमितता और अभ्रद्रता के चलते कुछ लोगों को संस्थान से बाहर कर दिया गया है| मूलत: मातृभाषा.कॉम का मालिकाना हक व संस्थापन डॉ.अर्पण जैन ‘अविचल’ द्वारा किया गया है| मातृभाषा.कॉम सहित हिन्दीग्राम, अन्तराशब्दशक्ति व मातृभाषा उन्नयन संस्थान भी उन्हीं के निर्देशन व डॉ.प्रीति सुराना जी के साथ […]

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ सन् १९३१ का नवंबर केवल दूसरे गोलमेज सम्मेलन के लिए नहीं याद रखा जाएगा बल्कि इंदौर को एक दहाड़ता शेर भी इसी माह की१८ तारीख को इंदौर शहर के भविष्य के स्वर्णिम अध्याय बुनने के लिए अवतरित हुआ था | एक ऐसा शख्स जिसने ताउम्र दरियादिल और […]

जयपुर। ५ फरवरी २०१८ को इंडिया इंटरनेशनल स्कूल(जयपुर) में ‘हस्ताक्षर बदलो अभियान’ के अंतर्गत मातृभाषा . कॉम की पुस्तक(काव्य संग्रह) पर स्कूल के निदेशक डॉ.अशोक गुप्ता ने हिंदी में हस्ताक्षर कर इस अभियान का शुभारंभ किया। प्राचार्या श्रीमती माला अग्निहोत्री  ने भी पहली बार हिंदी में हस्ताक्षर कर अपने आपको […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।