रिखब चन्द राँका ‘कल्पेश’ द्वारा रचित काव्य वातायन का विमोचन सम्पन्न # 42 सृजन समीक्षा व 4 अन्य पुस्तक सहित कुल 46 किताबों का विमोचन। जयपुर । भारत में हिन्दी के लिए सैकड़ों अवसर उपलब्ध है, इन्ही अवसरों से हिन्दी को रोजगार देने वाली भाषा के रुप में स्थापित करने […]

डॉ प्रीति सुराना को मिला नारी सागर व श्रेष्ठ शब्द शिल्पी सम्मान भोपाल | शहर के हिन्दी भवन में आयोजित विश्व हिंदी रचनाकार मंच कि ओर से हिन्दी साहित्यिक प्रतिभा के उत्साह वर्धन हेतु दिए गए सम्मान में वारासिवनी की डॉ. प्रीति सुराना को श्रेष्ठ शब्द शिल्पी सम्मान व नारी […]

पुरोहित अविचल प्रवाह पत्रिका के स्थायी सदस्य मनोनीत भवानीमंडी | नगर के कवि एवम साहित्यकार राजेश कुमार शर्मा”पुरोहित” को साहित्य संगम संस्थान इंदौर मध्यप्रदेश का राष्ट्रीय प्रचार प्रसार अधिकारी का अधिकारी नियुक्त किया गया है।   पुरोहित ने बताया कि साहित्य संगम संस्थान नारी मंच की मासिक ई पत्रिका अविचल […]

 जयपुर| विशुद्ध स्वर्णिम संयम दीक्षा महोत्सव राष्ट्रीय कार्यकारिणी के प्रचार प्रमुख व  मातृभाषा उन्नयन संस्थान राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष श्री रिखब चन्द राँका ‘कल्पेश’ जयपुर  को  साहित्यिक क्षेत्र में उत्कृष्ट सृजन व समाज सेवा में उल्लेखनीय योगदान हेतु हरियाणा की साहित्यिक संस्था विलक्षणा एक सार्थक पहल समिति (रजि 02314) द्वारा […]

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सिंघल को मिला ‘राष्ट्र गौरव अवार्ड’ धामनोद | एंटी करप्शन फाउंडेशन द्वारा पोलिस के अमर शहीदों को समर्पित “राष्ट्र गौरव अवार्ड” आज करनाल (हरियाणा) में धामनोद निवासी साहित्यकार कैलाश बिहारी सिंघल को मिला| उक्त सम्मान हरियाणा पुलिस की पूर्व आय. जी. श्रीमती सुमन मंज़री, महामंडलेश्वर स्वामी रामेश्वरा नंद व नरेंद्र […]

आकोला | “राजकुमार जैन राजन फाउंडेशन, आकोला (राज.) द्वारा अखिल भारतीय स्तर पर पिछले 12 वर्षों से नियमित प्रदान किये जा रहे बाल साहित्य सम्मानों  2018 हेतु अपनी उपलब्धियों का विवरण एवम सम्मान योग्य वरिष्ठ साहित्यकारों  के नामों की अनुशंषाएँ 20 सितम्बर 2018 तक सादर आमंत्रित है। निम्न सम्मान 13 […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।