* मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए किया आंदोलन का शंखनाद *१ करोड़ भारतीयों को बताया जाएगा हिन्दी क्यों होनी चाहिए भारत राष्ट्रभाषा * जनसमर्थन के माध्यम से जुटेंगे भाषासारथी इंदौर। भारत की वर्त्तमान में कोई आधिकारिक राष्ट्रभाषा नहीं हैं, और इसीलिए मातृभाषा उन्नयन संस्थान […]

धामनोद | हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा चलाए जा रहे जनसमर्थन अभियान में राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.अर्पण जैन अविचल ने धार सांसद सावित्री ठाकुर से भेंट की और समर्थन प्राप्त किया| धामनोद स्थित सांसद सावित्री ठाकुर के निज निवास पर मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष […]

नई दिल्ली। जून 25, 2018। विश्व हिन्दू परिषद के कार्याध्यक्ष श्री आलोक कुमार ने कहा है कि विहिप भारत में उत्पन्न हुये सभी धर्मों के लोगों का साझा मंच है । अपने विविध कार्यों के माध्यम से विहिप इनकी एकता, समरसता व विकास हेतु प्रयत्नशील हैं। विहिप की प्रबंध समिति […]

नई दिल्ली।  विश्व हिन्दू परिषद की केन्द्रीय प्रबंध समिति की दो दिवसीय बैठक आज राजधानी दिल्ली के राजघाट स्थित गांधी स्मृति दर्शन समिति, में महामण्डलेश्वर पू0 स्वामी राघवानंद जी के आशीर्वचन से प्रारंभ हुई। अपने उद्घाटन उद्बोधन में विश्व हिन्दू परिषद के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (रिटा0) श्री विष्णु सदाशिव कोकजे ने कहा कि भगवान […]

हरियाणा | हरियाणा की राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था अर्णव कलश एसोसिएशन के तत्वधान में आयोजित ऑनलाइन सप्ताहिक काव्य प्रतियोगिता 19 जून को चैनपुर सिवान बिहार के युवा कवि को उनकी काव्य श्रेष्ठता के आधार पर संस्था के संयोजक नवल पाल प्रभाकर जी ने पूरे भारत के 46 कवियों को हिंदी साहित्य […]

इंदौर | जनसमर्थन अभियान के दौरान डॉ. अर्पण जैन अविचल ने राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त महामंडलेश्वर कम्प्युटर बाबा और राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त योगेंद्र महंत से मुलाकात की| हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए जनसमर्थन मांगने निकले मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ ने आज मध्यप्रदेश सरकार में […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।