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रतनगढ़ | प्रतिवर्ष बालसाहित्य संस्थान अल्मोड़ा उत्तराखंड द्वारा अखिल भारतीय स्तर पर बालकहानी प्रतियोगिता आयोजित की जाती है.  इस प्रतियोगिता में विभिन्न स्तर पर बालकहानियां को आमंत्रित कर आयोजक समिति द्वारा एवं बच्चों द्वारा मूल्यांकित कहानियों को पुरस्कृत किया जाता है.  इस वर्ष 2018 की अखिल भारतीय राजेंद्र सिंह बिष्ट […]

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इंदौर।   हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए सक्रियता से कार्यरत मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा हिंदी के प्रचार-प्रसार एवं हस्ताक्षर बदलो अभियान से भारतीय हिन्दीभाषियों को जोड़ने के उद्देश्य से सम्पूर्ण भारत में भाषासारथी बनाये जाएंगे। इस माध्यम से हिंदी को जन-जन तक पहुँचाया जाएगा। यह जानकारी संस्थान की राष्ट्रीय महासचिव […]

हिंदी के महान लोककवि स्व. श्री गोपालदासजी नीरज को श्रद्धाजंलि अर्पित करने के लिए सोमवार (30 जुलाई 2018) शाम को 5.30 बजे हम सब इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में इकट्ठे होंगे। 5.30 बजे प्रसाद और चाय की व्यवस्था है। उसके बाद 6 बजे प्रसिद्ध गायिका श्रीमती राधिका चोपड़ा का गायन होगा। […]

गोंदिया। इस सदी के महान गीतकार-कवि व पद्मश्री-पदमभूषण अलंकरणों से सम्मानित गोपालदास सक्सेना ‘नीरज’ के देहावसान पर उन्हें स्मरण करने एवं श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु रविवार दि. २२ जुलाई को भिन्नभाषी साहित्य मंडल गोंदिया द्वारा पूर्व नगराध्यक्ष कवि के. बी. चौहान के सूर्याटोला निवास पर दोपहर ३.०० बजे श्रद्धांजलि सभा […]

गोंदिया। स्वाधीनता संग्राम के क्रांतिकारी अमर सेनानी चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर भिन्नभाषी साहित्य मंडल द्वारा दि.२३ जुलाई सोमवार को संध्या समय सुभाष उद्यान स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हे पुष्पांजलि अर्पित की गई। अध्यक्षता डॉ. बी. पी. जुनेजा ने की। बतौर प्रमुख अतिथि कविवर रमेश शर्मा ने स्वाधीनता […]

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दो दिन की थका देनेवाली यात्रा के बाद पहियों से जमीन पर उतरना विलक्षण अनुभव था। शरीर में रेल के तीसरे दर्जे की महक समा गई थी। अभी तक कंपन महसूस हो रहा था। गनीमत है स्लीपर में टिकट कन्फर्म हो गई थी। आमने सामने छ: बर्थ थीं। उसकी सबसे […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।