दौसा ।                            राष्ट्रीय कवि चौपाल,शाखा-दौसा के तत्वावधान में 20वीं काव्य गोष्ठी का आयोजन बजरंग मैदान स्थित सामुदायिक भवन में आदरणीय रामबाबू शर्मा की अध्यक्षता में हुआ।                      संयोजक […]

इंदौर | भारत में पत्रकार सुरक्षा और पत्रकारों के हितों के लिए कार्यरत संस्था ‘ऑल मीडिया एण्ड जर्नलिस्ट एसोसिएशन (आमजा) ने हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने हेतु प्रतिबद्ध मातृभाषा उन्नयन संस्थान को 5000 पत्रकारों के साथ समर्थन दिया| लखनऊ से संचालित आमजा भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने मातृभाषा हिन्दी […]

भोपाल | महिला सक्षमीकरण के लिए कार्यरत संस्था वूमन आवाज व अन्तरा शब्दशक्ति प्रकाशन द्वारा भोपाल में 4 अगस्त, शनिवार को 55 महिलाओं को वूमन आवाज़ सम्मान व 1 महिला को अन्तरा शब्दशक्ति रत्न व 2 महिलाओं को अन्तरा शब्दशक्ति गौरव सम्मान दिया| संस्था वूमन आवाज व अन्तरा शब्दशक्ति प्रकाशन […]

कुक्षी। ओसवाल जैन समाज के वरिष्ठ व्यक्तित्व,सामाजिक कार्यकर्ता और कांग्रेस के वयोवृद्ध नेता बाबूलाल जैन (तांतेड़) का अल्प बीमारी के बाद 1 अगस्त को निधन हो गया। 91 वर्षीय श्री जैन ने अपनी मेहनत और काबिलियत से व्यापार व्यवसाय में उन्नति करने के अलावा 60 से 90 के दशक में […]

रुड़की | साहित्यकार श्रीगोपाल नारसन को अंतरराष्ट्रीय तथागत सृजन सम्मान 2018 के लिए चयनित किया गया है।जिसके लिए राष्ट्रीय साहित्य अकादमी के पूर्व सदस्य डा योगेन्द्र नाथ शर्मा अरुण,उत्तराखण्ड के जनकवि डा अतुल शर्मा,मदरहुड विश्वविद्यालय के प्रति कुलाधिपति डा राजीव त्यागी, लाफ़्टर चैनल के हास्य कवि मुकेश गौतम ,मौनतीर्थ धाम […]

दौसा।                   देवनगरी दौसा में मुंशी प्रेमचंद जी की जयंती पर मगसम साहित्यिक संस्था के तत्वावधान में एक शाम मां के नाम कार्यक्रम का आयोजन बजरंग मैदान स्थित सामुदायिक भवन में हुआ। जिसमें मुख्य अतिथि श्रीमान बाबूलाल जी शर्मा बोहरा वरिष्ठ साहित्यकार,सिकंदरा एवं अध्यक्षता रामबाबू जी शर्मा”राजस्थानी” ने की। मगसम […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।