उज्जैन। नगर के युवा कलमकार एवं शब्द प्रवाह साहित्यिक पत्रिका के संपादक संदीप सृजन को उदयपुर की साहित्यिक संस्था युगधारा द्वारा वर्ष 2018 का स्व.श्रीमती उमरावदेवी धींग साहित्योदय सम्मान प्रदान करने की घोषणा की गई है। यह सम्मान श्री सृजन को युवा श्रेणी के अन्तर्गत सतत साहित्यिक लेखन, संपादन और […]

रुड़की | दिशा शिक्षा ट्रस्ट व केंद्रीय विद्यालय संख्या एक की ओर से विश्व हिन्दी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम मे ट्रस्ट के संरक्षक एवम् साहित्यकार श्रीगोपाल नारसन ने कहा कि हिन्दी ही एक मात्र ऐसी भाषा है जो मनुष्य के जन्म से जुड़ी है।नवजात शिशु के रुदन से निकलने वाले […]

दिनाँक तीन सितम्बर २०१८ को प्रख्यात नवगीतकार, साहित्यकार , समीक्षक डॉ शम्भुनाथ सिंह की पुण्य तिथि के अवसर पर परेड कोठी कैंट बनारस में आयोजित समारोह में डॉ शम्भुनाथ सिंह शोध संस्थान ने उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा पुरस्कृत वाराणसी के साहित्यकारों को सम्मानित किया | समारोह की अध्यक्षता श्री […]

उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान के वर्ष २०१७ के घोषित पुरस्कारों में समकालीन ग़ज़ल के सशक्त हस्ताक्षर अभिनव अरुण को उनके ग़ज़ल संग्रह ‘’बादल बंद लिफ़ाफ़े हैं ‘’ के लिए प्रतिष्ठित ‘’दुष्यंत कुमार पुरस्कार’’ प्रदान किया किया गया है | आगामी १४ अक्टूबर २०१८ को आयोजित समारोह में पुरस्कार स्वरूप प्रमाण […]

डॉ एम. एल. गुप्ता ‘आदित्य’ होंगे राजभाषा गौरव पुरस्कार से सम्मानित   मुंबई | भारत सरकार द्वारा वर्ष 2017-18 के लिए राजभाषा कीर्ति व राजभाषा गौरव पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। इनके अन्तर्गत गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग के अंतर्गत हिंदी शिक्षण योजना, मुंबई के सहायक निदेशक तथा ‘वैश्विक […]

यूएन में हिंदी को दर्जा दिलाने के लिए आगे आया मॉरीशस, कहा- भारत हमारी मां है, बेटे के तौर पर ये हमारा फर्ज मॉरीशस के मार्गदर्शक मंत्री अनिरुद्ध जगन्नाथ संभाल चुके हैं प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति जैसे शीर्ष पद पोर्ट लुइस (माॅरीशस). हिंदी को यूएन की आधिकारिक भाषा बनाने के लिए […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।