भवानीमंडी | प्राथमिक कक्षाओं में गतिविधि आधारित शिक्षण व खेल खेल में विद्यार्थियों को पढ़ाने के नवाचार हेतु राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सूलिया में बुधवार को अंत्योदय खिलौना बैंक का शुभारंभ मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी उमेश कांति ने किया। आधुनिक खिलौने जब बालकों के हाथों आये तो चेहरे खिल गए। […]

नई दिल्ली | प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के शिक्षा प्रभाग द्वारा नये ज्ञान द्वारा नया भारत विषय को लेकर डॉ अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर के सभागार में राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया।जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक,विशिष्ट अतिथि यूजीसी के चेयरमैन डिंपी सिंह […]

इंदौर ।  हिन्दी भाषा को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए कार्यरत संस्था ‘मातृभाषा उन्नयन संस्थान’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ की अनुशंसा पर संस्थान की राष्ट्रीय महासचिव डॉ प्रीति सुराना ने छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष हेतु बिलासपुर निवासी रश्मिलता मिश्रा को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। श्रीमती मिश्रा बिलासपुर में […]

गीता को जीवन मे उतारने पर दिया गया बल गुरुग्राम(हरियाणा)- प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के ओम शांति रिट्रीट सेंटर में 27 जुलाई से अखिल भारतीय गीता सम्मेलन का आयोजन किया गया।जिसमें भगवदगीता द्वारा नया मार्गदर्शन विषय पर देशभर से पधारे सन्त महात्माओ,विद्वानी,कई विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, धर्म प्रचारकों ने सकारात्मक विचार […]

सुना और पढ़ा तो यही था कि लोग देवताओं, ईश्वर, पीर, फ़क़ीर, मंदिर, मस्जिद, दरगाह, देश की खिदमत करते है, उनकी सेवा करके जीवन में अद्भुत होने का परिचय देते है, पर अनोखी बात तो यह है कि कोई पत्रकार के रूप में बाद में बने पहले वो ‘प्रगति पुस्तक […]

धार |  *नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति* को लेकर  उत्कृष्ट बाल विनय मंदिर इंदौर में शिक्षा महाविद्यालय देवास द्वारा आयोजित संभागीय स्तरीय  कार्यशाला में धार जिले के *जयन्त जोशी, शिक्षाविद  महेंद्र शर्मा डाइट प्राचार्य , केशव वर्मा, एडीपीसी रमसा, ठाकुरलाल मालवीय एपीसी, जिला शिक्षा केन्द्र ,सोमला सिसौदिया प्राचार्य माडल स्कूल एवं […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।