रुड़की| प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता श्रीगोपाल नारसन ने दिल्ली की प्रथम महिला मुख्यमंत्री एवं विदेश मंत्री रही सुषमा स्वराज के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें अपनी ओर से श्रद्धाजंलि अर्पित की है।उन्होंने बताया कि अम्बाला छावनी में जन्मी सुषमा स्वराज ने एस॰डी॰ कालेज अम्बाला छावनी से बी॰ए॰ तथा […]

भवानीमंडी | स्थानीय नगर के कवि,साहित्यकार राजेश कुमार शर्मा पुरोहित को दिल्ली के इस्कॉन मंदिर के औडोटोरियम में एहसास ए हिन्द संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम एक शाम देश और देश की बेटियों के नाम मे गेस्ट ऑफ ऑनर सम्मान से सम्मानित किया गया।     पुरोहित ने बताया कि इस […]

हरिद्वार | कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वनाधिकार आंदोलन के संयोजक श्री किशोर उपाध्याय ने कहा कि मध्य हिमालय के लिये समग्र सतत् समावेशी विकास की नीति बनाई जाए क्योंकि आज हिमालयी अरण्यजनों को बचाने  की बात कोई नहीं कर रहा, जिनका जीवन ही यह जंगल है।हरिद्वार प्रेस क्लब में पत्रकार […]

  देश के जाने-माने पत्रकार,चिंतक और हिन्दुस्थान समाचार के समूह संपादक पद्मश्री राम बहादुर राय को पत्रकारिता और हिन्दी भाषा की सेवा के लिए प्रतिष्ठित ‘हिन्दी रत्न’ सम्मान से विभूषित किया गया है. एक अगस्त को नई दिल्ली के हिन्दी भवन की ओर से उन्हें यह सम्मान संस्था के अध्यक्ष […]

नई दिल्ली | विश्व हिन्दू परिषद् ने श्रीराम जन्मभूमि के सम्बंध में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मामले की नियमित सुनवाई के निर्णय पर संतोष व्यक्त किया है। विहिप के अंतर्राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष एडवोकेट श्री आलोक कुमार ने आज कहा कि हम आशावान है कि लगभग 500 वर्षो से चल रहे संघर्ष व 70 […]

चम् चम् करतो चुड़ीलो माथा पे बोर बंद ….मालवी जाजम इंदौर में बिछी सावन की फुआरो के साथ ही मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी में मालवी जाजम बिछी और शहर के मालवी साहित्यकारों का जमावड़ा लगा | बादलो की गडगडाहट के साथ ही चमकती बिजली मानो आतिशबाजी और प्रक्रति  का नजारा देखने लायक था | माह के अंतिम रविवार को बिछने वाली जाजम […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।