जो चाहते हो दुसरो से वही दीजिए आप हर कष्ट मिट जायेगा नही रहेगा कोई सन्ताप व्यवहार हमारा ऐसा हो लगे सभी को प्यारा मुंह से निकले मीठी वाणी मित्र हो जाए जग सारा उच्च चरित्र मिशाल बने हर कोई कद्रदान बने पावनता की प्रतिमूर्ति हो जीवन ईश्वरीय वरदान बने। […]

आये दिन दंगे की खबर सुन आत्मा कांप जाती है। हम किसके लिये  और क्यों आपस में  लड़ कट रहे हैं। काश कोई  मेरे सवाल का जवाब दे देता ये कैसी दहशतगर्दी है यारों फैला रहा कौन वैमनस्यता दिशा चारों जात पात की चल रही क्यो लड़ाई दुश्मन हो चला […]

माँ क्या हो तुम मेरे लिए पूछता है सारा जहां मुझसे सच कहूँ तो सारा जहाँ हो तुम मेरे लिए ममता की मूरत, दुनियां की भीड़ में मासूम-सी सूरत अपने को गलाकर तपते रेगिस्तान में शीतल छाँह-सी नदी सी बन प्यास बुझाती सारी इच्छाओं को तुम पूरी करती जाती माँ, […]

बोलने में बहुत छोटा सा शब्द है लेकिन माँ तुझमें ही तो सारा ब्रह्माण्ड समाया है मै क्या जानू राम कृष्ण नानक या किसी ईश को हर कोई ईश्वर तेरे अंदर ही पहले रहा नन्हा जीव बनकर फिर शिशु रूप में वो परमात्मा भी तेरे द्वारा ही तो मेरे सामने […]

या तो बिगाड दे या तो संवार दे ये जिस्म मे जो जान दी है लग रही बडी महेंगी है मेरे बस के बाहर है ऐ मौला,,, जरा तु इसका हिसाब दे गुनाह जो करवाये तुने ही चल जरा इनको बख्श तु दे इतना कठीन समय दिया है इससे मिली […]

आपकी सराहना के कायल हो गये बेशक कैसे कहे आपसे जुदा हो गये है हम ।। दिलसे दिलकी बात पहुँचा आये गैरइरादा दर्दे रूह की दास्तान सूना आये है हम ।। कातिलो की बस्ती में कोई भी अपना नहीं था बाल्टी भर भर खून उठा लाये हम ।। #नालंदा -सतीश […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।