बिन लालच – बिन मतलब के ,     प्यार वो लुटाती है ।  जग में ममता की मूरत,      मां वो कहलाती है ।।  कदम कदम पर दुनिया में,        रास्ता वो दिखाती है ।   बच्चों पर जो नेह बरसाये,        मां वो […]

हैं खड़े हमेशा करूँ सेवा परोपकारी देता हूँ जीवन वृक्ष निःस्वार्थ।। #नवीन कुमार भट्ट परिचय : पूरा नाम-नवीन कुमारभट्ट उपनाम- “नीर” वर्तमान पता-ग्राम मझगवाँ पो.सरसवाही जिला-उमरिया राज्य- मध्यप्रदेश  विधा-हिंदी

मां को समर्पित लफ़्ज़ों में भरे जज़्बात… मदर्स डे स्पेशल उलझे हुए से फिरते हैं नादिम सा एहसास लिए दस्तबस्ता शहर में वो नूर है अंधेरे गुलिस्तां में । डरावने ख़ौफ़ के साये हर शख्स बेगाने से शहर भर के हंगामों में वो कायनात है उजड़े गुलिस्तां में । हाथ की […]

मिटा के हस्ती मैं अपनी सारी तुझे खुदा कर गजल कहूँगी; सनम ये साँसो की रौनकें सब तुझे अता कर गजल कहूँगी !! हाँ जिस्म महिवाल सोणियो का,डुबा गई थी वो कच्ची माटी; मिटा न पाई जो इश्क़ उनका वही वफा कर गजल कहूँगी !! लगी हुई है जो मेरी […]

जब कभी जीवन में कुछ, गतिरोधक सा बन जाता है। एक ज्योति जीवन में तब, प्रतिबिम्ब सा दिख जाता है।। ऐसी होती है मां, वह होती है मां….. बेटे का पक्ष लेने के लिए, वह अनेक उलझनों में पड़ जाती है। बेटी का पक्ष लेने के लिए, वह दुनिया से […]

बताओ वो बज़ह क्या है तुम्हारे मुस्कराने की लगाई तुमने है कोई शर्त दिल आजमाने की। बताओ वो बज़ह क्या है तुम्हारे मुस्कराने की। अदाओं पर निछावर है ज़िन्दगी जां तलक मेरी जीत जाओ हराकर तुम हार मन्ज़ूर है मेरी लगाई तुमने है कोई शर्त दिल आजमाने की। बताओ वो […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।