पूणिमा की चांदनी रात में मेहबूब को लेकर साथ में। चले जन्नत में मोहब्बत करने के लिए वो। मेहबूब के पैरों में कही कोई कांटा न चुभ जाये। तभी तो चांद ने बगीचे में मोतियो को बिछा दिये।। जैसे ही पढ़े कदम मेहबूब के जन्नत के बाग में। मुरझाए लताएं […]

सर उठा कर चल नहीं सकता बीच सभा के बोल नहीं सकता घर परिवार हो या गांव समाज हर नजर में घृणा का पात्र हूँ। क्योंकि “बेटी” का बाप हूँ ।। जिंदगी खुलकर जी नहीं सकता चैन की नींद कभी सो नहीं सकता हर एक दिन रात रहती है चिंता […]

2 अक्टूबर का दिन, कितना महान है। क्योकि जन्मे इस दिन दो भारत मां के लाल है।। सोच अलग थी दोनों की, पर थे समर्पित भारत के लिए। इसलिए दिनों को हम लोग याद करते है। और दोनों के प्रति, श्रध्दा सुमन अर्पित करते है। और उन्हें दिल से आज […]

एक वो जमाना था जिसमें आदर सत्कार था। एक ये जमाना है जिसमें कुछ नहीं बचा। दोनों जमाने में यारो अन्तर बहुत है। इसलिए तो घरों में अब संस्कार नहीं बचे।। मांबाप छ: बच्चों का पालन पोशण कर देते थे। और छ: बच्चे मिलकर मांबाप को नहीं रख पाते। उन्हें […]

शास्त्री- बापू तेरे ही देश में लूट रही है अस्मत से बेटियां और बहशी बना है आदमी बापू तेरे देश में । रो रहा है अन्नदाता और भर रही हैं तिजोरिया उद्योग पतियों की लाल बहादुर शास्त्री तेरे देश में। सत्ता बनी है शातिर अपने सिंहासन परस्ती की खातिर शास्त्री-बापू […]

16 दिसम्बर 2012 को भारत की राजधानी दिल्ली की सुनसान सड़क पर हुए 23 साल की ज्योति के साथ हुए उस हादसे का जिक्र अगर आज भी कभी होता है तो लबों पर शिकायत, दिल में दर्द, मन में डर और आँखों में अश्क होता है । वो रात भयानक, […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।