काम काम के चक्कर में जीवन की खुशियां बिखर गई। जिसको अपना माना था उसने ही धोखा दे डाला। अब न घर, ऑफिस का रहा में। अब धोबी का कुत्ता बन बैठा।। जीवन के चौराहा पर आकर, फिर से वही खड़े हो गए। जहां से शुरू की थी जिंदगी, अब […]

शा उत्कृष्ट उ मा वि आगर मालवा (म प्र) के राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त शिक्षक डाॅ दशरथ मसानिया ने छात्रों तथा शिक्षकों के लिये हिन्दी नवाचार शैक्षणिक सामग्री दोहों तथा चौपाइयों मे संकलन कर गेय बनाया है। जो कक्षा 9 से 12 तक छात्रों के लिए बहुत उपयोगी है । इसमें हिन्दी […]

मन, वचन, कर्म से जो रहते एक समान कथनी करनी में फर्क न करे बन जाते है वही महान झूठ का पर्दा कभी न ढके सत्य को ही अपना मान जो सत्य पथ पर ही चलते होता उन्ही का सदा गुणगान कठिन जरूर है पर असंभव नही कष्ट बहुत है […]

गणपति आखिर विदा हो गए, बरखा तुम कब जाओगी । अब तो हद-पार अति हो गई, कब तक हमें सताओगी। मानसून में रिमझिम-रिमझिम, हमको प्यारी लगती हो । आषाढ़ी कृषक की, सावन में, बहन हमारी लगती हो। तुम्हें मनाने तुम्हें बुलाने , जाने कितने जतन किए । देर से ही […]

माउंट आबू में अखिल भारतीय मीडिया सम्मेलन का आयोजन,देश विदेश के दो हजार पत्रकार ले रहे है भाग ब्रह्माकुमारीज एवं आर ई आर एफ की भगिनी संस्था, ” मीडिया प्रभाग ” के संयुक्त तत्वावधान में एक अखिल भारतीय सम्मेलन का आयोजन माउंट आबू के शांतिवन के कांफ्रेंस हॉल में किया […]

लिखता में आ रहा, गीत मिलन के में। कलम मेरी रुकती नही, लिखने को नए गीत। क्या क्या में लिख चुका, मुझको ही नही पता। और कब तक लिखना है, ये भी नही पता। लिखता में आ रहा…..।। कभी लिखा श्रृंगार पर। कभी लिखा इतिहास पर। और कभी लिख दिया, […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।