इस कोरोना काल में लोगों की पीड़ा और परेशानियों की अनगिनत तस्वीरों के बीच कुछ ऐसी भी तस्वीरें आईं जिन्होंने तपती रेत पर बारिश की नर्म बौछार कर दी…लोगों के चेहरे खिल गए…मुसीबत से लड़ने की नई ताकत मिल गई… एक इंजीनियर से अभिनेता बने सोनू सूद को दबंग, अरुंधति […]

दुनिया को मौत के मुँह में ढ़केलने वाला राक्षस रूपी ड्रैगन संसार के लिए सबसे बड़ी मुसीबत बन गया है। पूरे विश्व में अपनी ताकत का लोहा मनवाने की होड़ में ड्रैगन वह सब-कुछ कर गुजरने को तैयार है जिससे कि उसको विश्व शक्ति मान लिया जाए। अपने रास्ते मं […]

एक नम्र निवेदन है मोदी जी तुमको। न आगे बढ़ाना इस लॉक डाउन को।। बन्द पड़े हैं अब सब उद्योग धंधे, चौपट हो गए हैं सब काम धंधे। घर में सब लोग बन्द पड़े हुए हैं, बोरियत के अंबार अब लगे हुए हैं अब खोलो मोदी जी इन सबको, एक […]

ज़िन्दगी क्यों बुझी सी रहती है आँख में कुछ नमी सी रहती है गुमशुदा सी कहीँ ख़्यालों में ज़िन्दगी अजनबी सी रहती है बेवफ़ा ज़िन्दगी में क्या आई ज़िन्दगी में कमी सी रहती है। आह दिल की मेरी भी सुन लेती देख के देखती सी रहती है कुछ खुला सा […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।