चीन में जन्मा कोरोना मांसाहार व अभक्ष्य आहार की देन है | आज कोरोना ने पूरे विश्व पर खतरा पैदा कर दिया है |  विश्वभर के डॉक्टर, वैज्ञानिक कोरोना वायरस को लेकर चिंतित हैं | सारा विश्व कोरोना के आतंक की तबाही की जद में आ चुका है | धीरे-धीरे […]

पल- पल बहुत यूं याद आएगी मुझे ये आग दिल की यूं जलाएगी मुझे खुद ज़िंदगी खुद से मिलाएगी मुझे खुद दूर जाके पास लाएगी मुझे मैं खो गया हूँ अब न जाने किस जहाँ क्या ज़िंदगी भी ढूंढ लाएगी मुझे अब ले रही है इम्तिहाँ ये ज़िंदगी वो हौसलों […]

फूल बन कर, मुस्कराना जिन्दगी है l मुस्करा के गम, भूलाना जिन्दगी है l मिलकर खुश होते है, लोग तो क्या हुआ l मिले बिना दोस्ती, निभाना भी जिन्दगी है।। जिंदा दिलो की, आस होती है जिंदगी। मुर्दा दिल क्या, खाक जीते है जिंदगी। मिलना बिछुड़ जाना, तो लगा रहता […]

चुपके – चुपके दुबके से जी , आती है नन्हीं गौरैया। पास तनिक दर्पण के जाकर , इठलाती नन्हीं गौरैया ।।1।। दर्पण में अपने ही जैसे , पाकर अचरज में पड़ जाती । दर्पण अंदर कौन है ? वह , जो है मेरे ही भाँती ।।2।। फिर गौरैया चुपके से […]

हमारी पसन्द अपनी निगाहो से न तोलिये | ये दिल के मामले है, इनमे जरा न बोलिये || न किसी को बुरा कहे, न किसी का दिल तोडिये | जब दिल से दिल मिल जाये,तो खुलकर बोलिये || चर्चा हो रही है,उनके प्यार की इस सरे बाजार में | अगर […]

मोदी जी लोकतंत्र का आप बचाव कीजिए चुनी हुई सरकारों को आप चलने दीजिए प्रभु ने दिया है अवसर जिन्हें सरकार चलाने का जनता ने दिया जनमत जिन्हें विकास कराने का दलगत आधार पर उनसे पक्षपात न कीजिए संविधान के रक्षक बन उन्हें अभयदान दीजिए। #श्रीगोपाल नारसन परिचय: गोपाल नारसन की […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।