कुछ लोग जन्म से महान होते हैं, कुछ लोग कर्म से महान होते हैं। और कुछ लोगों पर महानता लाद दी जाती है।हिन्दी साहित्य में ‘धर्मवीर भारती’ अपने कर्म से महान हुए थे।इसलिए हिन्दी साहित्य में धर्मवीर भारती का नाम भारत के महानतम साहित्यकारों में आता है।धर्मवीर भारती जी ने […]

        सोलहवा ओल इंडिया कोन्फ़रन्स ऑफ़ ‘केंसर केर इंडिया’ की ओरसे आयोजित था | इसमें ‘रेस इन रेन’ट्रस्ट मुंबई की ओरसे सहभागी होने का अवसर मिला | आर्ट ऑफ़ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर बेंगालुरु श्री श्री रवि आश्रम में स्थित है | वहीँ सरस्वती होल में कोन्फ़रन्स का आयोजन हुआ था […]

भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी… एक ऐसा नाम जिसने भारतीय राजनीति को अपने व्यक्तित्व और कृतित्व से इस तरह प्रभावित किया जिसकी मिसाल नहीं मिलती। 1975 में कांग्रेस और 1977-80 में जनता पार्टी की सरकार के दौरान उनका आगमन रक्सौल में हुआ था। उस दौरान मैं रक्सौल के हजारीमल उच्च […]

अटल बिहारी वाजपेयी जयंती विशेषालेख युगो-युगिन तप, कर्म, त्याग और बलिदान से अटल बिहारी वाजपेयी जैसे राष्ट्रनेता के दीदार देश को होते है। हम खुशनसीब हैं कि हमें ऐसे महामना का साया मुनासिब हुआ। अटल जी का समर्पण, नेतृत्व, राजनीति, समरसता, कर्तव्यनिष्ठा, राष्ट्रवादिता और भाषा-भाषण की अटूता सारे जहां से […]

यह बात १९८० कि है मैं जब कक्षा ६वी का छात्र था । हमारे गुरुवर संस्कृत व्याकरण पढ़ा रहे थे और हम सभी पीपल पेड़ के निचे बैठकर पढ़ रहे थे । पहली घंटी मे ही गुरूजी ने कुछ पश्न दिये थे । सभी छात्रों ने हल किया और आधे […]

—डॉ विवेकी रॉय जी आप आज भी याद आते हो… साल 2016, नवंबर की 22 तारीख और उत्तरप्रदेश की पुण्यभूमि वाराणसी की गोद में 93 वर्षीय ललित निबंध की आत्मा ने चिर विदाई ले ली थी। हाँ नवंबर की ही 19 तारीख पर साल 1924 को उत्तर प्रदेश के बलिया […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।