जीवन मे जो सदराह दिखा दे तीनो कालो की बात बता दे स्वयं का स्वयं से बोध करा दे नश्वर देह का एहसास भूला दे आत्म स्वरूप में रहना सीखा दे ऊंगली पकड़कर हमे चला दे जीवन जीने की कला सीखा दे हे परमात्मा ऐसा गुरु दिला दे ऐसा तो […]

गुरु पूनम 1..💫💫 शिक्षक का आदर करो, गुरुजन पूजित होय। प्रथमा गुरु माता कहें, पितु भी गुरुपद जोय।। 2..💫💫 जो हमको शिक्षा दिये, शिक्षक गुरु सम मान। उनको है सादर नमन, तज माया आभिमान। 3..💫💫 शिक्षा सत अभ्यास है, जीवन भर कर हेत। जिनसे सीखें गुरु वही, परिजन प्रिये समेत।। […]

भारतीय विधिज्ञ परिषद (बार काउंसिल) ने अंग्रेजी के अलावा, भारतीय भाषाओं में राष्ट्रीय विधि विद्यालयों में प्रवेश के लिए संयुक्त विधि प्रवेश परीक्षा (संविप्र परीक्षा या क्लैट) आयोजित करने की व्यावहारिकता का पता लगाने के लिए एक समिति का गठन किया है। भारतीय विधिज्ञ परिषद ने यह कदम दिल्ली उच्च […]

गुरुदेव मेरे, गुरुदेव मेरे, चरणों में अपने, हमको बैठा लो। सेवा में अपनी, हमको लगा लो, गुरुदेव मेरे, गुरुदेव मेरे। मुझको अपने भक्तो की, दो सेवादारी। आयेंगे सत संघ सुनने , जो भी नर नारी। मैं उनका सत्कार करूँगा, वंदन बारम्बार करूँगा।। गुरुदेव मेरे, गुरुदेव मेरे, चरणों में अपने, हमको […]

एक बहुत बड़ा सवाल है कि आखिर विकास का कैसे हुआ विकास…? सिर पर है किसका हाथ? किसके साए में यह अपराधी अब तक फला-फूला। यह एक बड़ा एवं अनसुलझा सा सवाल है। जिसे समझने की जरूरत है। इस सवाल को नजर अंदाज करने की कदापि जरूरत नहीं। आज का […]

भारत का चीन से सीमाओं पर विवाद जारी है, गलवान घाटी में चीन के सैनिकों द्वारा धोखे से किए गए हमले में वीरगति को प्राप्त सैनिकों के बलिदान से संपूर्ण देश में आक्रोश है, जगह जगह चीन के समान के बहिष्कार का आहवान हो रहा है, चीनी राष्ट्रपति के पुतले […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।