दोस्तों वैसे तो कलियुग में संस्कार और श्रध्दा की बात करना बहुत ही अजीब सा लगता है न ? परन्तु कलयुग में भी लक्ष्मण और भरत जैसा भाई हो सकते है / यदि उन्हें परिवार के बड़े बूढ़ो ने सही परवरिश के साथ बच्चो में संस्कार और पढाई लिखे का […]

मदर डे विशेष आलेख…………… माँ है तो हम है, हम है तो जहान हैं। मॉं की छाव से बडी कोई दुनिया नहीं। मॉं के चरणों में जन्नत हैं, और उस जन्नत की मन्नत सदा-सर्वदा हम पर आसिन हैं। मॉं की बरकत कभी भेदभाव नहीं करती वह समान रूप से सभी […]

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आखिर भारतीय सेना में महिलाओं को युद्ध में कंधे से कंधा मिलाकर लड़ने की अनुमति मिल गई,ये खबर जब पढ़ी तो उन महिलाओं का जीवन और संघर्ष याद आ गया, जो अपनी चुनी राह पर चलने के लिए आज भी अपने घर परिवार और समाज से संघर्ष कर रही है। […]

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बेटा अपने वृद्ध पिता को रात्रि भोज के लिए अच्छे रेस्टॉरेंट में लेकर गया। खाने के दौरान वृद्ध पिता ने कई बार भोजन अपने कपड़ों पर गिराया। रेस्टॉरेंट में बैठे खाना खा रहे दूसरे लोग वृद्ध को घृणा की नजरों से देख रहे थे,लेकिन वृद्ध का बेटा शांत था। खाने […]

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स्नेह की धारा है वह, है वात्सल्य की मूर्ति , वीरुध वही,वन वही, कालिका की वो पूर्ति | राष्ट्र,समाज और परिवार को वो समर्पित, स्व पर,हित को करती प्राण भी अर्पित | वाणी वही,गिरिजा वही,है दामिनी भी वह, कल्पना वो,प्रतिभा वही है,कामिनी भी वह| किरण है वह,है सुभद्रा,है महादेवी भी […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।