किसे पता था ये समान जीवन जीने वाला एक आम इंसान। कितना कुछ करके दिखायेगा, इस मुल्ल्क में ये इंसान। जिसकी गौरव गाथाये, अब ग रहा है, पूरा हिन्दुस्तान। उन का नाम है अब्दुल कलाम, अब्दुल कलाम।। कभी भी नहीं किया, उन्होंने जात पात का बखान। हर पल रखा याद […]

अद्भुत महामानव तुमको नमन, अर्पित करते हम श्रृद्धा सुमन। दरिद्रता में तुम थे पले बढ़े, बचपन बीता था मुश्किल में। निर्धनता तुमको डिगा ना पाई, निराशा ना अाई जरा भी मन में। सपने देखे तुमने बड़े बड़े, लक्ष्य पाए तुमने बहुत बड़े। था भरोसा खुद पर इतना, कर दिखाए काम […]

गर्व करें हम मूल्यों पर अपने, नमन करें हम मूल्यों को अपने। मानव धर्म का ज्ञान कराएं, मूल्य हमें इंसान बनाएं। नैतिकता का पाठ पढ़ाएं, मूल्य हमें सन्मार्ग दिखाएं। भौतिक विकास का सोपान चढ़ाएं, दिल में हमारे आध्यात्म जगाएं। व्यक्तित्व हमारा सुंदर बनाएं, मूल्य हमें संस्कारी बनाएं। ईर्ष्या द्वेष से […]

लोग जल जाते है मेरी मुस्कान पर क्योंकि मैंने कभी दर्द की नुमाइश नहीं की। जिंदगी से जो मिला कबूल किया किसी चीज की फरमाइश नहीं की । मुश्किल है समझ पाना मुझे क्योंकि जीने के अलग अंदाज है मेरे जब जहां जो मिला अपना लिया जो ना मिला उसकी […]

फूलों की सुगंध से, सुगन्धित हो जीवन तुम्हारा। तारों की तरह चमके, जीवन तुम्हारा। उम्र हो सूरज जैसी, जिसे याद रखे दुनियाँ सारा। आप महफ़िल सजाएं ऐसी, की हम सब आये दुवारा।। आपके जीवन में हजारो बार, मौके आये इस तरह के। की लोग कहते कहते न थके, की मुबारक […]

आओ आओ मेरे बच्चों प्यारे, हाथ धो लो मिलकर सारे। हाथ धोने से मरेंगे कीटाणु, रोग आएंगे ना पास हमारे। स्वच्छता है रोगों की दुश्मन, स्वच्छता को ढाल हम बनाएं। हैजा ,पेचिश , त्वचा ,नेत्र ,आंतों की, बीमारियों को दूर हम भगाएं। तीस सेकंड तक है हाथों को धोना, और […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।