गिरती हुई अर्थव्यवस्था, को कौन बचाएगा। मरते हुए इंसान को, कौन बचाएगा। यदि ऐसा ही चलता रहा, तो देश डूब जाएगा। और इसका श्रेय फिर, किस को देओगे।। जब जब भी अच्छा हुआ, वो मेरी किस्मत थी। अब बढ़ रही महंगाई, तो ये किसी की किस्मत हुई? और गिर रही […]

मन मत पर चलो नही राह से कभी भटको नही ठगनी माया से बचकर रहो नीचे कभी तुम गिरो नही व्यसनों से तौबा कर लो सद्गुणों से झोली भर लो परमात्म याद की राह चलो पतित से पावन बन चलो श्रीमत पर चलना सीख लो शांत मन रहना सीख लो […]

शजर की चाह थी कि परिंदों को आसरा दे । फिजा ने कुछ और ही दिखाया है नजारा ।। जईफ हुआ शजर,जज्ब भी लुप्त हुआ है। इसका आसरा देने का जज्बा अभी जवां है ।। कुछ इस कदर खस ने इसे हर तरफ घेरा है। सूरज की धूप से भी […]

निष्कर्ष = भ्रष्टाचारी अल्प आयु होते हैं। राय = भ्रष्टाचारियो ईश्वर से डरो। इन्दु भूषण बाली पत्रकार, समाजसेवक, एसएसबी विभाग का पीड़ित पूर्व कर्मचारी, लेखक हिंदी डोगरी व अंग्रेजी एवं भारत के राष्ट्रपति पद का पूर्व प्रत्याशी तहसील ज्यौड़ियां जिला जम्मू जम्मू कश्मीर Post Views: 62

सामाजिक और असामाजिक तत्व दो अलग विचार धाराये है, जिनका संतुलन होना जमीन आसमा को एक करने जैसा है। बहुत से सभाज सुधारक ने इस पर अध्ययन किया और प्रयास भी किए बहुत सारी सामाजिक कुरीतियो को समाप्त भी किया गया जैसे सती प्रथा,बाल विवाह विधवा विवाह दहेज प्रथा आदि […]

धड़कता दिल अब मेरा, तुम्हारे ही लिए। मेरी दिल की धड़कन, बन जो गई। मुझे पता ही नही, ये हुआ कैसे। अब भूलना भी चाहूं, पर भूलता ही नहीं।। निकलती है दिल से वो, हर सांस तुम हो। जो बोले बिना ही, व्या कर देती। चोट लगती है तुमको, दर्द […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।