कविता के माध्यम से बच्चों ने बताएं हाथ धोने के तरीके* नागदा (धार)शासकीय नवीन प्रावि नयापुरा माकनी में विश्व हाथ धुलाई दिवस एवं पूर्व राष्ट्रपति ,भारत रत्न डॉ. ऐपीजे अब्दुल कलाम की जयंती को विश्व विद्यार्थी दिवस के रुप में मनाया गया। शिक्षक गोपाल कौशल द्वारा लिखित कविता हाथ धोने […]

करवाचौथ 17 अक्टूबर दिन गुरुवार को पड़ रहा है. इस दिन महिलाएं निर्जला उपवास रखती हैं और रात में चांद देखने के बाद अपना उपवास पूरा करती हैं. माना जाता है कि इस दिन अगर सुहागिन स्त्रियां उपवास रखें तो उनके पति की उम्र लंबी होती है और उनका गृहस्थ […]

या इलाही,वो तबाही है कोई चेहरे पे बादल छाई है कोई क्या देखें और क्या ना देखें जिस्म,अदा की खाई है कोई उसे देखें फिर कुछ क्यूँ देखें तूफ़ान समेटके आई है कोई उस का गुरूर भी वाजिब है बला की सूरत पाई है कोई वो जिसे मिले, सब मिल […]

हम तो मुफ्त में हो रहे है बदनाम। जबकि हमारा तो लेना देना ही नही। हां कसूर इतना है कि, रोज देखता हूँ उन्हें। अपने घर की छत से उन्हें।। जो न रोज देखते उन्हें, तो क्या वो इतनी सजती सभारती? फिर न करे कोई तारीफ सुंदरता की, तो सुंदरता […]

राम हिंसक नही हो सकते यह बताती जैन रामायण राम ने रावण को नही मारा यह दर्शाती जैन रामायण राम विकारो के नाशक है मर्यादा पाठ पढाती रामायण सीता,उर्मिला की त्याग तपस्या कैकई स्वार्थ दिखाती रामायण मंथरा जैसी नारी पशुता का वर्णन करती तुलसी रामायण नारी शक्ति का द्वापर युग […]

करोडो रूपयो खर्च कर मुर्ती बनाने वालो कुंभ के नाम पर अरबो खरबो बहाने वालो देश की जनता शिक्षा,चिकित्सा को तरस रही अरे वो मंदिर-मस्जिद पर पैसा लुटाने वालो। कुछ सीख भी लेते केजरीवाल की सरकार से कचरे की ही अक्ल है क्या कचरा उठाने वालो कभी हाल बाढ़ पिडितो […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।