हर हृदय में बहती रहती नित प्रेम की निर्मल धारा, है विश्व कुटुंब में सर्वोपरि भारत गणतंत्र हमारा, ये जननी जन्मभूमि अपनी है स्वाभिमान हमारा, जहाँ सर्वधर्म समभाव रहा सदा मानवता धर्म हमारा, हो विकट परिस्थिति कितनी भी हो विषम समय की धारा, है वतन पर अपने मिटने का स्वर्णिम […]

गणतंत्र दिवस देश का, जनतंत्र है स्वदेश का। संविधान लिखा गया, लागू फिर किया गया। पवित्र पर्व है यही, पवित्र धर्म है यही। सुविज्ञ राष्ट्र है यही, ये राष्ट्र है सर्वोपरि। उचित लोकतंत्र है, शुचि पर्व गणतंत्र है। पर्व ये अशेष है, ये राष्ट्र ही विशेष है। सब एकसूत्र में […]

आओ मिलजुल जश्न मनाएँ, स्नेह सुधा चहुं दिस बरसाएँ, सुख समृद्धि धरा पर लाएँ। पावन है गणतंत्र हमारा, राष्ट्र प्रतीक तिरंगा प्यारा, प्रेम भाव भाईचारा का त्याग, दया, कर्त्तव्य हमारा। ऐसे जन-गण-मन के नायक, कर्मशील के गुण हम गाएँ, आओ मिलजुल जश्न मनाएँ। संविधान की ध्वजा त्रिवेणी, मानवता की गुंथे […]

एक तो उसने ऑटो रिक्शा वालों की आम प्रवृत्ति के विपरीत वाज़िब पैसे ही मांगे थे, दूसरे सवारी के बैठने वाले पिछले भाग में दोनों ओर पारदर्शी प्लास्टिक के परदे लगाए हुए थे, जो ऊपर और नीचे दोनों ओर से ऑटो के साथ अच्छी तरह बाँधे हुए थे। इस कारण […]

फसल कट जाने के बाद आदिवासी मजदूर बेकार हो जाया करते थे। हर वर्ष उस समय शहर से एक ठेकेदार वहां आता था और उन सब को शहर ले जाकर मजदूरी कराया करता था। इस बार फसल कट चुकी थी, पर ठेकेदार नहीं आया था। गांव की उस बस्ती के […]

       दिमाग़ खालीपन का शिकार हो चला था। कुछ दिन से  कोई भी आइडिया काम नहीं कर रहा था। बाल मज़दूरी, भुखमरी, शहर के हर चौराहे की रेड लाईट पर करतब दिखाकर भीख मांगती गंदी-गंदी बच्चियाँ, कन्या-भ्रूण हत्या, स्टेशन पर शताब्दी के रुकने पर अपटूडेट मुसाफ़िरों द्वारा छोड़ी गयी जूठन […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।