कलियुग की विदाई का आभास है शिव रात्रि अंधकार से प्रकाश का आगाज़ है शिव रात्रि ज्ञान के सूर्योदय की मधुर बेला है शिव रात्रि शिव के अवतरण की मधुर याद है शिव रात्रि शिव परमात्मा नमः का उदघोष है शिवरात्रि पतित से पावन बनाने की शुभ घड़ी है शिवरात्रि। […]

जन्म के समय जो मिली वही भाषा होती महान मातृभूमि जितनी पावन मातृभाषा को भी जान मातृभाषा ह्रदय की भाषा सरल सबसे उसको जान अभिव्यक्ति में सशक्त बहुत लेखन में भी प्रबल जान मातृभाषा ईश्वरीय भाषा उसी में पाओ प्रभु का ज्ञान जन्म की भाषा हिंदी है दुनिया मे बस […]

इंदौर । सर्वाधिक हिंदी प्रेमियों से सुसंगठित हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए प्रतिबद्ध ‘मातृभाषा उन्नयन संस्थान’ 24 फरवरी 2020, सोमवार को हिंदी पत्रकारिता के शिखर व दशकों तक नईदुनिया के प्रधान संपादक रहे पद्मश्री अभय छजलानी व अज्ञेय के चौथा सप्तक के अग्र कवि, वरिष्ठ साहित्यकार राजकुमार कुम्भज को […]

हमारे देश में गणित को हम हमेशा कठिन विषय मानते हैं पर यह बात गलत है। गणित से सरल कोई विषय नहीं है। छोटी क्लास के बच्चों को पहाड़े कठिन पड़ते हैं। पर उनको सरल बनाया जा सकता है। गणित के ही शब्द में उसका अर्थ छुपा है, यह कहना […]

तुम को ना भूल पाएंगे हो वो सपना तुम जो पूरा ना हुआ प्यार नहीं थे मेरा थी सिर्फ एक मुलाकात जो थी इतनी खास एक अहसास था वो बहुत खास एक तरफा था शायद कई साल बीत गए वो लम्हा आज भी आँखो में समाया है तेरा वजूद आज […]

दुसरो से कुछ छिपाना पड़े ऐसे काम कभी करो नही छिपाकर भी कुछ न छिपेगा इस सत्य को कभी भूलो नही मानव मात्र से छिपा भी लिया प्रभु से कुछ न छिप पाएगा जो भी करोगे इस दुनियां में वह सच सामने आ जाएगा जो देख सके सारी दुनियां ऐसे […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।